आयकर विभाग ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को नो

LIC को ₹7100 करोड़ का आयकर नोटिस, कंपनी ने बनाई चुनौती देने की योजना

LIC Receives ₹7100 Crore Tax Notice, Plans to Appeal

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को नोटिस जारी कर 7100 करोड़ रुपये का कर भुगतान करने की मांग की है। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जारी आयकर नोटिस में टैक्स और ब्याज की मांग शामिल हैं। बीमा कंपनी इस आदेश के खिलाफ आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील की जा सकती है।

डिडक्शन को अस्वीकार करने से नोटिस जारी

एलआईसी ने एक नियामक फाइलिंग में खुलासा करते हुए बताया कि उससे आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए लगभग ₹7,100 करोड़ (₹7099.97 करोड़) का कर नोटिस जारी किया है। इसमें टैक्स और ब्याज शामिल हैं। यह डिमांड नोटिस मुख्य रूप से असेसमेंट वर्ष 2021-22 में आयकर विभाग द्वारा की गई कुछ कटौतियों (डिडक्शन) को अस्वीकार करने के कारण आया है। यह मांग असेसमेंट यूनिट द्वारा अंतरिम बोनस, जीवन सुरक्षा कोष, और नेगेटिव रिजर्व को आय में जोड़ने से संबंधित है।

एलआईसी ने बनाई अपील करने की योजना

एलआईसी ने इस आदेश को चुनौती देने और अपील करने की योजना बनाई है। यह खुलासा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सूचीबद्ध कंपनियों के दायित्व और प्रकटीकरण संबंधी आवश्यकताएं) विनियम, 2015 के विनियम 30 के अनुपालन में किया गया था। इसके तहत सूचीबद्ध कंपनियों को महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित करना अनिवार्य है।

टैक्स की कुल राशि में शामिल है ₹953 करोड़ का ब्याज

बीमा कंपनी ने कहा कि कर विभाग की आकलन यूनिट ने आयकर के तौर पर 61,46,71,18,015 रुपये की मांग की है, साथ ही 9,53,25,87,935 रुपये की ब्याज राशि भी मांगी है। LIC ने कहा कि इस आदेश का उसके समग्र संचालन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। बीमा कंपनी ने कहा कि वह इस आदेश को चुनौती देने की योजना बना रही है और उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के जरिये इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) के सामने अपील दायर करेगी।

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