RJD सांसद मनोज झा ने SIR को लेकर जंतर-मंतर पर विपक

RJD सांसद मनोज झा जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में हुए शामिल, कहा- यह गांधी का देश है

Manoj Jha Supports SIR Protest, Raises Questions Over Election Commission

नई दिल्ली (भारत)। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। यह प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर था। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती पर इस तरह का लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

मनोज झा बोले- प्रदर्शन सिर्फ विपक्ष का नहीं, नागरिकों की आवाज

सांसद मनोज झा ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ विपक्षी दलों का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन नागरिकों का भी प्रतिनिधित्व करता है जिन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर चिंताएं हैं। उन्होने ने कहा, “मैं समझता हूं कि विपक्षी दलों का अपना अलग कार्यक्रम है। यह नागरिकों का कार्यक्रम है। इस गणतंत्र का हर नागरिक, जो इसमें हिस्सेदार है, उसे लगता है कि कोई एक व्यक्ति—एक कठपुतली जिसकी डोर कहीं और से खींची जा रही है—फैसले ले रहा है।”

दिल्ली में पाबंदियों और मेट्रो बंद होने पर उठाए सवाल

उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों और मेट्रो सेवाओं को बंद किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “इसका असर यह है कि आप देख सकते हैं कि मेट्रो बंद कर दी गई है और यह सब किस दिन हो रहा है? आज गांधी जयंती है। गांधी जयंती।”

गांधी के आदर्शों की ओर लौटने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करते हुए झा ने कहा कि सरकार गांधी के आदर्शों से दूर हो गई है और देश को उन आदर्शों की ओर वापस लौटना होगा। झा ने कहा, “गांधी के दिन, माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय गृह मंत्री जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने इस देश को गांधी से बहुत दूर कर दिया है, और इस देश को वापस वहीं जाना होगा। इसीलिए इस तरह का लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन आपके लिए एक संदेश है।”

फॉर्म 8 और SIR को लेकर चुनाव आयोग पर लगाए अनियमितता के आरोप

फॉर्म 8 और SIR से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना पर झा ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से अनियमितताएं की गईं और सवाल किया कि इस पर कोई स्पष्टीकरण क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “आज अगर आप उसी अखबार की हेडलाइन देखें, तो कल यह कोर्स करेक्शन (सुधारात्मक कदम) शीर्षक के साथ छपी थी, जिसमें कहा गया था कि चीजें हो रही हैं। जहां SIR खत्म हो चुका है, वहां लोग अभी भी आवेदन कर रहे हैं; यह किस बात का संकेत है?” झा ने आरोप लगाया, "एक अपराध को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था। एक गैर-कानूनी काम किया गया और किसी ने भी इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश नहीं की।"

चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल, पुराने आरोपों का दिया हवाला

उन्होंने चुनाव आयोग के फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि आयोग के काम जांच में खरे नहीं उतरे। चुनाव आयोग के 20 राज्यों में एक खास अभियान चलाने के फैसले का जिक्र करते हुए झा ने कहा कि पहले जताई गई चिंताओं को खारिज कर दिया गया था, लेकिन अब जो हो रहा है, उससे उन चिंताओं की पुष्टि होती है।

तेजस्वी यादव के पुराने आरोपों का जिक्र

झा ने कहा, "जिन बातों की ओर लोग तब इशारा कर रहे थे, उन्हें आप अपने अहंकार या किसी के दबाव में, या दोनों वजहों से नकार रहे थे। आज मैं फिर कहता हूं कि आपराधिक कानून की बुनियादी समझ से पता चलता है कि यह अपराध कबूल करने जैसा है।" राहुल गांधी के इस आरोप पर कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयुक्त ने मिलकर ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचेगा, झा ने कहा कि RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी पहले ऐसी ही चिंताएं जताई थीं।

जवाबदेही पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा, "तेजस्वी जी ने पहले भी कई बार यह बात कही है। 2020 में हमारे साथ पोस्टल बैलेट के मामले में क्या हुआ था? तो फिर आपने उन्हें छूट क्यों दी?" झा ने आरोप लगाया, "ऊंचे ओहदे पर बैठे किसी भी व्यक्ति को छूट नहीं होती, लेकिन आपने उन्हें छूट दी। क्योंकि आप गैर-कानूनी काम को छिपाना चाहते थे, और इसीलिए मैं कह रहा हूं कि इस मामले की जड़ें सबसे ऊपर तक जाती हैं।" (Source: ANI)

यह भी पढ़ें:   ECINET पर जयराम रमेश का ECI पर निशाना, कहा- कानून के पालन का दावा झूठ