मेटा को सरकार के सामने देना होगा जवाब, नीति और तकनीकी मुद्दों पर होगी पूछताछ
नई दिल्ली (भारत)। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार को बताया कि मेटा कंपनी नीतिगत और तकनीकी मुद्दों पर स्पष्टीकरण देने के लिए सरकार के समक्ष पेश होने को तैयार है। कृष्णन ने कहा कि सरकार ने मेटा को अपने वरिष्ठतम प्रतिनिधियों को भेजने के लिए कहा है ताकि वे अधिकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों के बारे में स्पष्टीकरण दे सकें और नीतिगत एवं तकनीकी दोनों स्तरों पर स्थिति को स्पष्ट कर सकें।
नीतिगत और तकनीकी दोनों दृष्टिकोणों से मुद्दों को समझना चाहती है सरकार
उन्होंने कहा, "हमने मेटा से उच्चतम स्तर पर उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि क्या हो रहा है और हमें इस तरह की समस्याएं क्यों दिखाई दे रही हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि सरकार नीतिगत और तकनीकी दोनों दृष्टिकोणों से मुद्दों को समझना चाहती है और यह आकलन करना चाहती है कि कंपनी भारत की चिंताओं को दूर करने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में कैसे बदलाव ला सकती है। कृष्णन ने कहा कि सरकार वर्तमान में मामले की जांच कर रही है और अपने आकलन के तहत कई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से राय मांगी है। उन्होंने यह भी कहा कि मेटा ने सरकार को पत्र लिखकर घटना पर खेद व्यक्त किया है और इसके पीछे के कारणों को समझा है। जब उनसे पूछा गया कि मेटा के प्रतिनिधियों को इस संबंध में क्या समयसीमा दी गई है, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगले एक हफ्ते या दस दिनों के भीतर। हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमें कई प्लेटफॉर्म, खासकर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से राय मिली है।"
व्हाट्सएप यूजरनेम के मुद्दे मे जांच जारी
व्हाट्सएप यूजरनेम के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमें कई प्लेटफॉर्म, खासकर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से राय मिली है।" कृष्णन के अनुसार, मेटा ने सरकार को यह भी सूचित किया है कि उसने 28 जुलाई को प्रमुख व्यक्तियों के खातों के संबंध में नए प्रोटोकॉल स्थापित किए हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। "मेटा ने सरकार को पत्र लिखकर घटना पर खेद व्यक्त किया है और बताया है कि ऐसा हुआ। उन्होंने हमें घटना के कारण भी बताए हैं और यह भी संकेत दिया है कि 28 जुलाई से उन्होंने प्रमुख व्यक्तियों के खातों से संबंधित नए प्रोटोकॉल स्थापित किए हैं ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न हो।" यह घटना प्लेटफॉर्म पर हाल ही में आई एक तकनीकी गड़बड़ी के बाद हुई है, जब मेटा ने मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई पर फेसबुक वीडियो तकनीकी खराबी के कारण हटा दिया गया था। वीडियो कुछ समय के लिए अनुपलब्ध रहा था, लेकिन बाद में उसे बहाल कर दिया गया।
23 जुलाई को जारी हुआ विडिओ हुआ था डिलीट
मेटा के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "वीडियो गलती से हटा दिया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है।" मेटा के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने 28 जुलाई की सुबह वीडियो तक पहुंच को कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके बाद इसे बहाल कर दिया गया। मूल रूप से 23 जुलाई को जारी किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे 36 दिनों के छात्र आंदोलन के बीच Gen Z को दिया गया पहला सीधा संबोधन था। (ANI)
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