पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर स

'झोटा' की हत्या पर गृह मंत्रालय सख्त, पंजाब सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

MHA Seeks Detailed Report from Punjab on Anti-Drug Activist Jhotta's Murder

नई दिल्ली (भारत)। पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ 'झोटा' की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को राज्य सरकार से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी। 13 अक्टूबर को हुई इस घटना में झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह पंजाब में नशीले पदार्थों की बिक्री और उनके दुरुपयोग के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे। गृह मंत्रालय ने हत्या के मामले की जानकारी के साथ-साथ राज्य में नशे के खिलाफ उठाए गए कदमों का विवरण भी मांगा है।

मेडिकल स्टोर पर विवाद के दौरान हुई थी हत्या

रिपोर्टों के अनुसार, झोटा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और केमिस्ट की दुकानों पर नशा पैदा करने वाली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह संदिग्ध विक्रेताओं से सवाल-जवाब करने और ऐसे मामलों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए जाने जाते थे। घटना वाले दिन वह अपने साथियों के साथ मानसा में एक मेडिकल स्टोर के मालिक से नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और दुकान के मालिक ने कथित तौर पर गोली चला दी, जिसमें झोटा की मौत हो गई और अन्य लोग घायल हो गए।

नशे के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति का मांगा ब्योरा

गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से 'नशा-मुक्त भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनाई गई रणनीति और प्राथमिकताओं की जानकारी मांगी है। इसमें नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण शामिल है। मंत्रालय ने राज्य में समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन, प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत करने और ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर जोर दिया है।

ड्रग तस्करी के वित्तीय नेटवर्क की जांच पर जोर

मंत्रालय ने नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में अनिवार्य वित्तीय जांच करने की जरूरत भी बताई है। इसका उद्देश्य ड्रग तस्करी से होने वाली कमाई का पता लगाना और ऐसी गतिविधियों को समर्थन देने वाले वित्तीय नेटवर्क की पहचान करना है। इसके साथ ही, संगठित तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध वितरण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को भी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

NDPS मामलों में अभियोजन मजबूत करने की तैयारी

गृह मंत्रालय ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में अभियोजन प्रक्रिया को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसके लिए NDPS अदालतों को नामित करने और समन्वय तथा जवाबदेही बेहतर बनाने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जैसे उपायों का विवरण मांगा गया है। मंत्रालय का जोर नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई और संबंधित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को मजबूत करने पर है।

NCORD तंत्र के तहत समन्वय बढ़ाने पर जोर

मंत्रालय ने नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) तंत्र के तहत परिणामों पर आधारित समीक्षा करने की जरूरत बताई है। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों की एजेंसियों, पुलिस तथा प्रवर्तन अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने नशे की तस्करी और दुरुपयोग के खिलाफ अभियान चलाने वाले सभी संबंधित पक्षों से लगातार कार्रवाई करने को कहा है। पंजाब सरकार से इन प्राथमिकताओं पर अब तक की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा गया है।

हत्या के बाद पंजाब में नशे की समस्या पर फिर उठे सवाल

झोटा की हत्या के बाद पंजाब में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस घटना ने राज्य में नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। विपक्षी नेताओं ने भी हत्या की आलोचना करते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री पर सवाल उठाए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से मांगी गई रिपोर्ट में पंजाब सरकार को नशे के खिलाफ कार्रवाई, प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने और एजेंसियों के बीच समन्वय से जुड़े कदमों की जानकारी देनी होगी। (Source: ANI)

यह भी पढ़ें:   नई दिल्ली में लहरा दो तिरंगा मार्च के दौरान 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में, 6,000 से अधिक जवान तैनात