लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथ की लहर: कोलंबिया चुनाव में ट्रंप समर्थक 'अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला' की जीत
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर धुर दक्षिणपंथी वकील और नेता अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला को हार्दिक बधाई दी है। पीएम मोदी ने भारत और कोलंबिया के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों और घनिष्ठ मित्रता को रेखांकित किया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए दी शुभकामना
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, "अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला, कोलंबियाई राष्ट्रपति चुनाव में आपकी जीत पर हार्दिक बधाई। भारत कोलंबिया के साथ अपनी घनिष्ठ मित्रता को बहुत महत्व देता है, जो सभी क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रही है। मैं आपके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देता हूं और आने वाले वर्षों में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने की आशा करता हूं।"
कांटे की टक्कर में वामपंथ को दी शिकस्त
'द वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के मुखर समर्थक डी ला एस्प्रिएला ने बेहद कड़े मुकाबले में कम से कम 49.6 प्रतिशत वोट हासिल किए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और वामपंथी उम्मीदवार इवान सेपेडा को एक प्रतिशत से भी कम अंतर से हराया है।
अभी तक औपचारिक रूप से विजेता की घोषणा नहीं
हालांकि, कोलंबिया के मौजूदा राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अभी तक औपचारिक रूप से विजेता की घोषणा नहीं की है और कहा है कि मतों की अंतिम समीक्षा प्रक्रिया के बाद ही परिणाम पूरी तरह निर्धारित होगा। यदि इस जीत की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी और ट्रम्प समर्थक उम्मीदवारों के सत्ता में आने के व्यापक रुझान को और मजबूत करेगी।
लैटिन अमेरिका में ट्रंप समर्थकों का दबदबा
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, पूरे लैटिन अमेरिका का राजनीतिक झुकाव बदल रहा है। अर्जेंटीना में ट्रंप के लोकप्रिय सहयोगी राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने कांग्रेस में अपनी शक्ति का विस्तार किया है। होंडुरास में ट्रंप के समर्थन वाले एक रूढ़िवादी मेयर वहां के राष्ट्रपति चुने गए हैं। इसके अलावा कोस्टा रिका, चिली, बोलीविया और इक्वाडोर में भी दक्षिणपंथी उम्मीदवारों ने वामपंथ को मात दी है।
अपराध के खिलाफ सख्त एजेंडा: नायिब बुकेले से तुलना
डी ला एस्प्रिएला ने कोलंबिया में अपराध और सुरक्षा को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाने का वादा किया है। उनके एजेंडे में मादक पदार्थों के तस्करों के लिए विशाल जेलों का निर्माण, 'नारको-आतंकवादी शिविरों' पर बमबारी और पूर्व राष्ट्रपति पेट्रो की गुरिल्ला समूहों के साथ चल रही शांति वार्ताओं को समाप्त करना शामिल है। अपराध के प्रति इसी सख्त रुख के कारण उनकी तुलना अल साल्वाडोर के प्रसिद्ध राष्ट्रपति नायिब बुकेले से की जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव से पहले ही डी ला एस्प्रिएला का पुरजोर समर्थन किया था और उन्हें एक "स्मार्ट, मजबूत और सख्त नेता" बताया था, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सेपेडा को "कट्टर वामपंथी मार्क्सवादी" करार दिया था। ट्रम्प ने कहा कि एस्प्रिएला के आने से वाशिंगटन और कोलंबिया के भविष्य के संबंधों को बड़ा लाभ होगा, जो कि निवर्तमान राष्ट्रपति पेट्रो के कार्यकाल के दौरान काफी तनावपूर्ण रहे थे।