पीएम मोदी की कूटनीति..अमेरिका से लेकर पाकिस्तान को किया खामोश
नकुल जैन
अमेरिकी टैरिफ अटैक के तुरंत बाद पीएम मोदी की तरफ से किया गया विदेश दौरा भारत के आर्थिक लिहाज से सफल होता नजर आ रहा है..क्यों कि भारत वापिस लौटने के बाद पीएम मोदी की तरफ से सोशल साइट्स एक्स पर पोस्ट करके यात्रा को सार्थक बताया गया है...वहीं विदेश दौरे के दौरान पीएम मोदी दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शुमार चीन और रुस के साथ गर्मजोशी के साथ मिलते हुए नजर आ रहे थे...जिसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि पीएम की यात्रा भारत के लिए असरदार साबित होने जा रही है..और अब जल्द ही ट्रंप की धमकी पर पीएम मोदी अपने मास्टर प्लान के जरिए माकूल जवाब देने जा रहे हैं..आईए अब जानते हैं कि पीएम का यह दौरा किस तरह ट्रंप के टैरिफ अटैक को मात देगा....
पीएम मोदी का विदेश दौरा पीएम मोदी को भारत का संकट मोचक कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगा..क्यों देश जब-जब परेशानी में नजर आया है..तब-तब पीएम ने कोई मास्टर प्लान बनाकर देश को संकट से बाहर निकाला है..अभी हाल ही में ट्रंप की तरफ से भारतीय निर्यात पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया गया था..जिसके बाद भारत के बहुत से निर्यातक परेशानी में आ गए थे..वहीं इतना ही नहीं निर्यातकों के यहां काम कर रहे श्रमिकों पर भी इसका साफ असर देखने को मिल रहा था...लेकिन हर बार की तरह पीएम ने भारतवासियों को इस बार भी विकट समस्या से निकालने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है.. पीएम की तरफ से दुनिया में तकनीक के माहिर चीन और जापान का दौरा बड़े सोचे समझे तरीके से किया गया था.ताकि देश के विकसित भारत मिश्न में किसी भी तरह की कोई रुकावट न हो..विदेश दौरे के दौरान भारत ने कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं...
SCO समिट से पहले पहुंचे जापान पीएम मोदी चीन में SCO बैठक में शामिल होने से ठीक पहले जापान के दौरे पर भी गए थे..जहां उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ कुछ महत्वपूर्ण समझौते किए..वहीं जापान की तरफ से भी भारत में निवेश करने को लेकर आश्वासन दिया गया..आपको बता दें कि जापान की तरफ से भारत में 6 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान किया है..जापानी प्रधानमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से भारतीय निवेशकों को रोकने के लिए टैरिफ की मार की गई थी..वहीं जापान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच करीब 21 मामलों को लेकर द्विपक्षीय समझौते किए गए..जानकारी के अनुसार इन समझौतों में दोनों देशों के बीच सुरक्षा, सहयोग और तकनीक को लेकर कई बड़े करार हुए हैं..जो भारत को भविष्य में सकरात्मक और सटीक परिणाम देने वाले हैं..वहीं इससे पहले जापान पहुंचने पर मोदी का स्वागत भी शिगेरु इशिबा के द्वारा गर्म जोशी के साथ किया गया...और साथ ही दोनों प्रधानमंत्रियों ने मिलकर बुलेट ट्रेन की भी सैर की...
पुतिन ने की मोदी की तारीफ पीएम मोदी जापान दौरे के बाद SCO समिट में भाग लेने के लिए लिए चीन पहुंचे.. जहां जापान की तरह चीन की तरफ से भी भारत का जोरदार स्वागत किया गया.. वहीं दूसर तरफ भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की यहां अनदेखी होने की कुछ तस्वीरें भी नजर आई...जिसके चलते आतंक को पनाह देने वालों के मुंह पर जोरदार तमाचा लगा..पीएम ने इस दौरान रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी मुलाकात की...वहीं बैठक में भारत की कूटनीति का असर भी स्पष्ट रुप से देखने को मिला..जब रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तरफ से रुस-यूक्रेन संघर्ष में भारत की भूमिका की सराहना की..पुतिन ने वैश्विक मंच से कहा कि भारत ने दोनों देशों के संघर्षों को खत्म करके शांति स्थापित करने के लिए अहम भूमिका निभाई है..वहीं पुतिन-मोदी समिट के दौरान कई जगहों पर एक साथ नजर आए..इतना ही नहीं दोनों की तरफ से एक बैठक भी की गई..जिसमें भारत और रुस के बीच कई द्विपक्षीय समझौते किए गए...गौरतलब है कि अमेरिका की तरफ से भारत को रुस के साथ व्यापार न करने को लेकर बारी-बारी चेतावनी दी जा रही थी..लेकिन भारत ने सच्ची मित्रता निभाते हुए बेधड़क होकर रुस से व्यापार किया और रुस का आर्थिक ढ़ांचा मजबूत करने में सहयोग दिया..जिस पर अब रुस की तरफ से यह खास बैठक भारत के लिए एक पारितोषिक हो सकती है...जो ट्रंप की बोलती बंद करने का काम करेगी...
शी जिनपिंग ने भी दिया शांति संदेश चीन में चल रही SCO समिट के बहाने दो देशों के बीच चल रहा तनाव कम होता नजर आया..दरअसल गलवान घाटी में झड़प के बाद भारत और चीन के बीच रिश्तों में दरारें देखने को मिली थी..लेकिन समिट के चलते पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने एक दूसरे के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की..वहीं दोनों महाशक्तियों के मुखिया न सिर्फ मुलाकात की..ब्लकि कुछ वक्त निकालकर एक अहम बैठक भी की..जिसमें दोनों देशों के बीच सीमा विवाद, शांति और सुरक्षा से जुड़े हुए अहम मसलों पर भी चर्चा की..वहीं बैठक में दोनों देशों ने एक दूसरे के साथ कुछ आर्थिक समझौते भी किए...चीन और भारत के बीच इस सकरात्मक मुलाकात ने एक तरफ भारत को मजबूती प्रदान करने का काम किया.. तो दूसरी तरफ अमेरिका से लेकर पाकिस्तान को तक को चिंता में डालने का काम किया है..