मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर मेयर जोहरान म

मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर विवाद, मेयर ममदानी की आपत्ति पर BJP ने RSS का किया बचाव

BJP MP Yogender Chandolia

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यक्रम के प्रति असहमति जताई है, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि शहर प्रशासन के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का कोई अधिकार (Jurisdiction) है या नहीं, इसे लेकर वे अनिश्चित हैं। इस पर भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया और भोला सिंह ने RSS का बचाव करते हुए मेयर की टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं।

मेयर की आपत्ति, लेकिन अधिकार क्षेत्र पर संशय

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे RSS के प्रस्तावित कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं। ममदानी ने कहा, "मैं इस रैली का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर के पास है या नहीं।"

मेयर की इसी टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने RSS के कार्यक्रम और संगठन के पक्ष में खुलकर प्रतिक्रिया दी। भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि मेयर ने खुद स्वीकार किया है कि ऐसा कोई नियम नहीं है, जिसके आधार पर निजी तौर पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द किया जा सके।

योगेंद्र चंदोलिया ने RSS का किया बचाव

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में योगेंद्र चंदोलिया ने मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा को लेकर हो रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कुछ लोग मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर टिप्पणी कर रहे हैं। न्यूयॉर्क के मेयर का RSS से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि ऐसा कोई नियम नहीं है, जिसके तहत कार्यक्रम को रद्द किया जा सके। मोहन भागवत एक सामाजिक संगठन के बड़े नेता हैं।"

चंदोलिया की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा और वहां होने वाले कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने इस पूरे मामले को RSS के एक सामाजिक संगठन के रूप में कार्यक्रम आयोजित करने के अधिकार के संदर्भ में रखा।

भोला सिंह बोले- 'गलत और निराधार बयान'

भाजपा सांसद भोला सिंह ने भी RSS के बचाव में मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि संगठन को समझने या उसके कामकाज की जानकारी नहीं रखने वाले लोग उसके बारे में गलत और निराधार बयान दे रहे हैं। उन्होंने ANI से कहा, "जो लोग RSS के बारे में नहीं जानते या इसे समझने की कमी रखते हैं, वे इस तरह के गलत और निराधार बयान देते हैं। RSS लंबे समय से लगातार सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के काम में जुटा हुआ है। ऐसे बयान देने से कुछ नहीं बदलता।"

सिंह ने आगे कहा, "हम भले ही 2014 में सत्ता में आए हों, लेकिन RSS बहुत लंबे समय से काम कर रहा है। सामाजिक सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है।" सिंह ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि RSS की सामाजिक गतिविधियां मौजूदा राजनीतिक सत्ता से कहीं पुरानी हैं।

तीन देशों के वैश्विक संपर्क अभियान पर निकले हैं भागवत

यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय सामने आया है जब RSS प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे। यह अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के तीन देशों के वैश्विक संपर्क अभियान का पहला पड़ाव है। यह दौरा RSS के शताब्दी वर्ष समारोहों के तहत आयोजित किया जा रहा है। भागवत को विदेशों में मौजूद स्थानीय समूहों के निमंत्रण पर इस संपर्क अभियान के लिए आमंत्रित किया गया है। न्यूयॉर्क पहुंचने पर भागवत का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और उनके माथे पर तिलक लगाया गया। उनकी यात्रा के दौरान शहर में कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाला 'Universal Oneness Celebrations' प्रमुख है।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम पर नजर

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाला यह आयोजन अमेरिकी हिंदुओं के बीच संवाद और सहभागिता के लिए काम करने वाले American Hindus for Engagement and Dialogue (AHEAD) फोरम की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मोहन भागवत का संबोधन प्रस्तावित है। RSS प्रमुख की मौजूदगी और संबोधन के कारण इस आयोजन के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहने की उम्मीद है। कार्यक्रम को हिंदू त्योहार रक्षाबंधन की पारंपरिक भावना से भी जोड़ा गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार इसके जरिए एकता, नागरिक कर्तव्य और वैश्विक सद्भाव का आधुनिक संदेश सामने रखने पर जोर होगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक वक्ताओं के संबोधन

आयोजकों ने बताया है कि कार्यक्रम में उस दिन की थीम के अनुरूप सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। इसके साथ ही प्रमुख धार्मिक और आस्था-आधारित वक्ता भी अपने विचार रखेंगे। इस तरह, मोहन भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा एक ओर RSS के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा है, तो दूसरी ओर प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर स्थानीय राजनीतिक बहस ने इसे अतिरिक्त ध्यान के केंद्र में ला दिया है। मेयर ममदानी की आपत्ति और निजी आयोजन को रद्द करने के प्रशासनिक अधिकार पर उनकी अनिश्चितता ने इस विवाद को और राजनीतिक आयाम दे दिया है। (इनपुट: ANI)

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