अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान सहित क्

अफगानिस्तान पर एकजुट हुए भारत-पाकिस्तान: मॉस्को में 10 देशों ने अमेरिका की वापसी के प्रयास का किया विरोध

मॉस्को। अमेरिका के अफगानिस्तान में फिर से पैर जमाने के प्रयासों का क्षेत्र के दस प्रमुख और प्रभावशाली देशों ने कड़ा विरोध किया है। इन देशों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर फिर से नियंत्रण करने के अमेरिका के किसी भी प्रयास के खिलाफ हैं।

एक मंच पर भारत और पाकिस्तान

इस एकजुटता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारत और पाकिस्तान, जो लगातार विरोधी रहे हैं, उन्होंने अफगानिस्तान के मुद्दे पर एक मंच पर आकर अमेरिका के प्रयासों का विरोध किया है।

मॉस्को बैठक में जारी हुआ संयुक्त बयान

अफगानिस्तान पर आयोजित मॉस्को फॉर्मेट परामर्श की सातवीं बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इस बयान में, इन 10 देशों ने अमेरिका का नाम लिए बिना ही अपना स्पष्ट संदेश दिया। इन देशों ने अफगानिस्तान और पड़ोसी देशों में अपने सैन्य बुनियादी ढांचे को तैयार करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया है। जारी बयान में इस तरह के प्रयासों को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के खिलाफ बताया गया है। मॉस्को में आयोजित इस बैठक में भारतीय राजदूत विनय कुमार ने भाग लिया।

तालिबान सरकार से बगराम एयरबेस का नियंत्रण वापस लेने के विरोध में एकजुट हुए देशों में निम्नलिखित शामिल हैं:

भारत

पाकिस्तान

रूस

चीन

ईरान

कजाकिस्तान

किर्गिस्तान

ताजिकिस्तान

उज्बेकिस्तान 

इन देशों की एकजुटता दर्शाती है कि अफगानिस्तान में किसी भी बाहरी सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ क्षेत्रीय सहमति बन रही है।