गृहणियों के मुआवजे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बा

मोटर थर्ड-पार्टी बीमा वृद्धि घटकर 9% पर आई, सुप्रीम कोर्ट के मुआवजा फैसले के असर की आशंका: कोटक

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गृहणियों (होममेकर्स) के अवैतनिक काम को आर्थिक मूल्य देने वाले फैसले के बाद बीमा कंपनियों की रणनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम की ग्रोथ घटकर महज 9 फीसदी पर आ गई है।

कारोबार सुस्त होने की मुख्य वजह

कोटक की रिपोर्ट "इंश्योरेंस: स्टेबल ट्रेंड्स; डिक्लाइन इन फायर मॉडरेट्स" के अनुसार, मोटर इंश्योरेंस के बाकी हिस्सों के मुकाबले थर्ड-पार्टी सेगमेंट काफी पिछड़ गया है। जून 2026 में शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि दुर्घटना के मामलों में मुआवजा तय करते समय गृहणियों के योगदान का वित्तीय आकलन किया जाए।

आशंका है कि मुआवजे की संभावित देनदारी बढ़ने के डर से कई कंपनियों ने इस बिजनेस में आक्रामक विस्तार से दूरी बना ली है।

प्राइवेट सेक्टर में SBI जनरल बना अपवाद

रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों का प्रदर्शन इस सेगमेंट में ठंडा रहा। हालांकि, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस इसमें एक बड़ा अपवाद बनकर उभरा है।

कोटक की रिपोर्ट में कहा गया है, "प्राइवेट सेक्टर की लगभग सभी कंपनियों की रफ्तार धीमी पड़ी है, सिवाय एसबीआई जनरल के। कंपनी ने सालाना आधार पर 32 फीसदी की मजबूत बढ़त हासिल की, जबकि पिछले दो महीनों में यह दायरा 11 से 20 फीसदी के बीच था।"

ओन-डैमेज और थर्ड-पार्टी में साफ दिखा अंतर

डेटा के मुताबिक, सितंबर में 'ओन-डैमेज' (खुद की गाड़ी के नुकसान का कवर) प्रीमियम 17 फीसदी की दर से बढ़ा। वहीं, कानूनी रूप से अनिवार्य 'थर्ड-पार्टी' इंश्योरेंस केवल 9 फीसदी ही बढ़ सका।

इसी अवधि के दौरान कुल मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में 13 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर की ओवरऑल स्थिति

फसल बीमा (क्रॉप इंश्योरेंस) को अलग रख दें, तो पूरे नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर ने सितंबर में 14 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की। जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही के दौरान यह आंकड़ा 12 फीसदी रहा।

अन्य बीमा क्षेत्रों के मुकाबले अनिवार्य थर्ड-पार्टी सेगमेंट का सुस्त पड़ना साफ बताता है कि अदालती फैसलों का वित्तीय असर बीमा कंपनियों की व्यावसायिक प्राथमिकताओं को तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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