नई व्यवस्था- दोपहिया पर पीछे बैठने वालों को भी पहनना होगा हेलमेट
नई व्यवस्था- दोपहिया पर पीछे बैठने वालों को भी पहनना होगा हेलमेट
15 दिन का प्रदेश भर में चलेगा जगरूकता अभियान
प्राइम न्यूज नेटवर्क
भोपाल। पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीच्यूट ने हेलमेट न पहनने वाले दोपहिया चालकों के खिलाफ कड़ाई करने के निर्देश दिये हैं। मालूम हो कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिया है।
वाहन चालक और पीछे बैठने वाले को भी हेलमेट पहनना होगा। महिला, पुरुष और नाबालिग चालक को अलग से निर्देश नहीं है। इसलिये पुलिस चार साल से ज्यादा आयु के हर वाहन चालक और पिलियन राइडर के खिलाफ (सिख को छोड़कर) सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है। हेलमेट की अनिबार्यता पहले से है लेकिन मध्य प्रदेश में सड़क हादसों से होने वाली मौत का ग्राफ कम करने के लिए प्रदेश भर में 15 दिन का विशेष जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।एडीजी पीटीआरआई मोहम्म्द शाहिद अबसार की ओर से जारी निर्देश के तहत यदि चेकिंग प्लाइंट पर तैनात पुलिसकर्मी ने किसी को बिना हेलमेट पहले यूं ही जाने दिया तो इसकी जबाबदारी पुलिस कर्मियों की होगी। फिलहाल 23 अक्टूबर से 5 नबंबर के बीच पुलिस लोगों को हेलमेट सहित ट्रैफिक नियमों का पालन करने की जरूरत समझाएगी। इसके बाद 6 नवंबर से सख्ती शुरू करेगी।
मध्य प्रदेश में 2024 में 56, 669 सड़क हादसे हुए हैं। इसमें 13,661 लोगों की मौत हुई, जिसमें 53.8 फीसदी मौत दोपहिया वाहन चालक की हुई है। मतलब 82 फीसदी ने यदि गुणवत्ता पूर्ण हेलमेट पहना होता तो उनकी जान बच सकती थी।
हेलमेट आदत बनी, अतिरिक्त हेलमेट साथ रखते हैं लोग। जयपुर और जोधपुर में जनवरी 2011 में कश्मिनरेट प्रणाली लागू होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य है। इसके दो साल बाद पिलियन राइडर के लिए भी यह जरूरी हो गया। यहां हेलमेट पहले बिना लोग सड़क पर उतरते ही नहीं।