नागालैंड कांग्रेस ने की क्रिसमस के दौरान ईसाई समुदाय पर हुए हमलों की निंदा, भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार
कोहिमा। नागालैंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एनपीसीसी) ने क्रिसमस के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में ईसाई समुदाय पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने कहा कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत बनाए गए नफरत भरे माहौल का सीधा नतीजा हैं।
ईसाई समुदाय पर हुए हमलों को कांग्रेस ने बताया मानव गरिमा का उल्लंघन
एनपीसीसी ने अपने बयान में कहा, "हम उन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें खुद को धर्म का रक्षक बताने वाले चरमपंथी तत्वों ने क्रिसमस की सामूहिक प्रार्थना सभाओं में कथित तौर पर बाधा डाली, सार्वजनिक रूप से अपशब्द और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और महिलाओं व बच्चों सहित श्रद्धालुओं के बीच भय का माहौल पैदा किया। ऐसे कृत्य संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों और मानव गरिमा का खुला उल्लंघन हैं।"
केंद्र सरकार पर लगाया विभाजन की राजनीति करने का आरोप
एनपीसीसी ने भाजपा और केंद्र सरकार को "विभाजन की राजनीति, चयनात्मक आक्रोश और अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने" के जरिए कट्टर तत्वों को बढ़ावा देने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। पार्टी ने कहा कि सरकार की ओर से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने की "लगातार विफलता" ने एक खतरनाक संदेश दिया है कि नफरत से जुड़े अपराध बिना सजा के किए जा सकते हैं।
भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जो संविधान से चलता है, न कि भीड़तंत्र से: एनपीसीसी
एनपीसीसी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जो संविधान से चलता है, न कि भीड़तंत्र की विचारधारा से। कांग्रेस पार्टी चुप नहीं रहेगी जब अल्पसंख्यकों को डराया-धमकाया जाए और धार्मिक स्वतंत्रता को कुचला जाए। पार्टी ने सभी हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं की तुरंत और निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही कहा कि दोषियों और इसमें शामिल संगठनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित केंद्र व राज्य सरकारों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जानी चाहिए। एनपीसीसी ने आगे कहा कि वह ईसाई समुदाय और सभी अल्पसंख्यकों के साथ उनकी गरिमा, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी है।