महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसान गंभीर आर्थिक संक

नाशिक के प्याज किसान संकट में, कीमतों में भारी गिरावट से बढ़ी चिंता

Nashik Onion Farmers

निर्यात प्रतिबंध बना बड़ी वजह

बांग्लादेश को होने वाले प्याज निर्यात पर लगे प्रतिबंध के चलते कीमतों में भारी गिरावट आई है। बताया जा रहा है कि दामों में करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल तक की कमी हुई है। कई इलाकों में प्याज 1 से 2 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

2019 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

फरवरी 2019 के बाद यह प्याज की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। किसान संगठनों और व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा हालात किसानों के लिए बेहद मुश्किल हो गए हैं।

मंडियों में आवक बढ़ी

मंडियों में नए लाल प्याज की भारी आवक के कारण कीमतों पर और दबाव बढ़ गया है। लाल प्याज की कीमत प्रति क्विंटल करीब 500 रुपये तक गिर चुकी है और औसत भाव 1800 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे पहुंच गया है।

पुरानी प्याज के दाम भी गिरे

गर्मियों की पुरानी प्याज की आवक खत्म होने के बावजूद इसके दामों में 949 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल इसका औसत भाव करीब 1151 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।

बांग्लादेश सबसे बड़ा खरीदार

लासलगांव के प्रमुख निर्यातक मनोज जैन के मुताबिक, बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा प्याज आयातक है। लेकिन वहां भारत से प्याज आयात पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

सीमित आयात से बढ़ी मुश्किलें

मनोज जैन ने बताया कि बांग्लादेश ने केवल 200 लाइसेंसधारी व्यापारियों को प्रतिदिन 6000 टन प्याज आयात की अनुमति दी है। इस पाबंदी से प्याज कारोबारियों और किसानों दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सरकार से समाधान की मांग

किसान संगठनों और व्यापारियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह बांग्लादेश से बातचीत कर इन प्रतिबंधों को हटवाने की कोशिश करे, ताकि प्याज की कीमतों में सुधार हो सके और किसानों को राहत मिल सके।

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