कक्षा 6 की कन्नड़ पुस्तक पर NCERT का स्पष्टीकरण, शाकाहार को बढ़ावा देने के दावों का खंडन
नई दिल्ली (भारत)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 6 की कन्नड़ पाठ्यपुस्तक को लेकर उठे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। परिषद ने कहा है कि पुस्तक का उद्देश्य किसी विशेष खानपान पद्धति को बढ़ावा देना नहीं है और इसमें शाकाहार या मांसाहार के पक्ष अथवा विपक्ष में कोई संदेश नहीं दिया गया है।
पुस्तकों के नाम भारत की प्रमुख नदियों के नाम पर
NCERT ने बताया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में पाठ्यपुस्तक के शीर्षक और उसमें शामिल खाद्य सामग्री संबंधी उल्लेखों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इन आशंकाओं को दूर करते हुए परिषद ने कहा कि R3 श्रृंखला की भाषा पुस्तकों के नाम भारत की प्रमुख नदियों के आधार पर रखे गए हैं।
अन्य भाषा की पुस्तकों के नाम भी नदियों के नाम पर
इसी क्रम में कन्नड़ भाषा की पुस्तक का नाम "कृष्ण" रखा गया है, जो कर्नाटक की महत्वपूर्ण नदी कृष्णा से प्रेरित है। परिषद ने उदाहरण देते हुए बताया कि अन्य भाषाओं की पुस्तकों के नाम भी नदियों पर आधारित हैं, जैसे हिंदी की पुस्तक "गंगा", अंग्रेजी की "कावेरी" और उर्दू की "यमुना"। NCERT के अनुसार, यह नामकरण स्थानीय संस्कृति और विद्यार्थियों के सामाजिक परिवेश से जुड़ाव को ध्यान में रखकर किया गया है।
पुस्तक में संतुलित आहार के पर केवल एक अध्याय
खानपान संबंधी विषयवस्तु पर परिषद ने कहा कि पुस्तक के एक अध्याय में संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी दी गई है। इसमें पोषण, स्वच्छता और नियमित व्यायाम के महत्व को समझाया गया है। अध्याय में दूध, फल, हरी सब्जियों सहित विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थों का उल्लेख किया गया है।
शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन की चर्चा
NCERT ने यह भी स्पष्ट किया, कि पुस्तक में दिए गए चित्रों और उदाहरणों में शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन को दर्शाया गया है। साथ ही भारत के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजनों का उल्लेख कर देश की खाद्य विविधता को भी प्रस्तुत किया गया है। परिषद का कहना है कि पाठ्यपुस्तक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान और संतुलित आहार के प्रति जागरूक बनाना है। इसमें कहीं भी किसी विशेष भोजन पद्धति को श्रेष्ठ या निम्न नहीं बताया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर बनी पुस्तक
NCERT ने दोहराया कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा पाठ्यपुस्तकों को बेहतर बनाने के लिए सुझावों और रचनात्मक प्रतिक्रियाओं का स्वागत करती है। (एएनआई)
यह भी पढ़ेंः सीतापुर में पुलिस पर रिश्वतखोरी और प्रताड़ना का आरोप, युवक की मौत से मचा हड़कंप