निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)

निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण से संतुष्ट हुए राजग के सहयोगी दल, विपक्ष पर गलतफहमियां फैलाने का आरोप

निर्वाचन आयोग

नई दिल्ली (भारत)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर उठाई गई आपत्तियों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तीन घटक दलों के अधिक स्पष्टीकरण मांगे जाने के एक दिन बाद, शनिवार को भाजपा के सहयोगी दलों ने कहा कि आयोग के बयान से उनकी चिंताओं का समाधान हो गया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने कहा कि आयोग ने अब सभी प्रमुख मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने शुक्रवार को कहा था कि चुनावों में जनता का विश्वास दांव पर है और निर्वाचन आयोग से इस संबंध में बनी आशंकाओं को दूर करने का आग्रह किया था।

देश की संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता फिर से साबित

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण ने देश की संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को फिर से साबित किया है तथा इससे जुड़ी सभी गलतफहमियों को दूर कर दिया है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने विपक्षी दलों पर निर्वाचन आयोग को लेकर गलतफहमियां फैलाने का आरोप लगाया। इन नेताओं की टिप्पणियों से राजग के घटक दलों के रुख में बदलाव का संकेत मिला है। इससे एक दिन पहले लोजपा, नायडू की तेलुगु देशम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने इस विवाद को लेकर निर्वाचन आयोग से अधिक स्पष्टीकरण पर जोर दिया था।

फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि एसआईआर से जुड़े सभी आदेश तीनों आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे और मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है। पासवान ने आयोग के शनिवार के बयान का स्वागत किया। उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि उनका मकसद ‘‘किसी संवैधानिक संस्था का बचाव करना’’ नहीं है और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग को इस मामले पर और स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जनता के मन में उठने वाले किसी भी सवाल या चिंता को सामने रखना और यह सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है कि उनका स्पष्ट रूप से समाधान किया जाए। दरअसल, इसी जिम्मेदारी की भावना के साथ हमने एसआईआर को लेकर जनता की चिंताओं को निर्वाचन आयोग के सामने रखा था।’’

निर्वाचन आयोग ने सभी प्रमुख मुद्दों पर बिंदुवार अपना रुख स्पष्ट किया

पासवान ने कहा, ‘‘आज निर्वाचन आयोग ने सभी प्रमुख मुद्दों पर बिंदुवार अपना रुख स्पष्ट किया है। एसआईआर प्रक्रिया, तीनों निर्वाचन आयुक्तों के बीच सर्वसम्मति और कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक से जुड़े तथ्यों को भी स्पष्ट रूप से सामने रखा गया है। इस स्पष्टता से लोकतंत्र में जनता का विश्वास और मजबूत होगा। झा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के बयान से यह साबित हो गया है कि ‘‘संवैधानिक संस्थाओं को लेकर फैलाई जा रही गलतफहमियां निराधार हैं।’’ उन्होंने विपक्ष पर यह ‘‘गलत धारणा’’ फैलाने का आरोप लगाया कि एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर कोई सहमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड ने ऐसे दावों को खारिज कर दिया है।

अगर कुछ गलत हुआ है, तो इसकी पूरी जांच की जाएगी: शिंदे

झा ने घर-घर जाकर फॉर्म जमा करने, बुजुर्गों, बेघर और गरीब लोगों के लिए विशेष शिविर लगाने तथा ऑनलाइन सुनवाई के संबंध में निर्वाचन आयोग के फैसलों का भी जिक्र करते हुए कहा कि ये फैसले आयोग की निष्पक्षता और लोगों की सुविधा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे उसके खिलाफ आने पर वह निर्वाचन आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाता है, जबकि चुनाव जीतने पर चुप रहता है। शिंदे ने कहा, ‘‘अगर कुछ गलत हुआ है, तो इसकी पूरी जांच की जाएगी।” उन्होंने कहा कि जब भी जनादेश विपक्ष के खिलाफ जाता है, तब संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देना ‘‘पूरी तरह गलत’’ है। 

(इनपुट: भाषा)

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