NEET विवाद पर सियासत तेज: CPI(M) ने PM मोदी पर साधा निशाना, BJP ने कहा- छात्रों की सभी जायज मांगें मानी गईं
तिरुवनंतपुरम (केरल) [भारत]: सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने शुक्रवार को NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के विरोध में चल रहे छात्र प्रदर्शनों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने को कहना चाहिए या उन्हें मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए।
'दमनकारी नीतियों से आंदोलन नहीं दबेगा'
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह प्रतिक्रिया तब आई जब उसे एहसास हुआ कि "दमनकारी नीतियों" से चल रहे छात्र और युवा आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। बेबी ने कहा, "नरेंद्र मोदी को सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने को कहना चाहिए। अगर वे इस्तीफा देने से इनकार करते हैं, तो प्रधानमंत्री को उन्हें मंत्री पद से हटा देना चाहिए। यह छात्र-युवा आंदोलन की मुख्य मांग है। इसके बिना, नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई कोई भी बातचीत फलदायी नहीं होगी।"
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
उन्होंने प्रदर्शनों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शीर्ष नेतृत्व की जानकारी के बिना नहीं हो सकती थी। उन्होंने कहा, "सबसे पहले तो, इतने दिनों तक वो चुप क्यों रहे? मुझे नहीं लगता कि अमित शाह और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया क्रूर दमन प्रधानमंत्री की जानकारी के बिना हुआ होगा। मुझे शत-प्रतिशत यकीन है कि अमित शाह ने बेबस लड़के-लड़कियों पर यह कार्रवाई करने से पहले नरेंद्र मोदी से सलाह जरूर ली होगी।"
सरकार के प्रस्ताव को बताया 'सुलह का प्रयास'
बेबी ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रधानमंत्री की हालिया घोषणा एक "तथाकथित सुलह का प्रस्ताव" है, जो सरकार को यह एहसास होने के बाद आया कि छात्र आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "यह आंदोलन आगे बढ़ेगा।" सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त करने पर बेबी ने कहा कि यह निर्णय सरकार की ओर से कुछ मांगों पर दिए गए आश्वासनों के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा, कथित हिंसक मामलों को छोड़कर छात्रों पर केस दर्ज न करने और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा जैसे आश्वासनों के बाद वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त की।
शिक्षा सचिव को हटाने पर भी जताई आपत्ति
बेबी ने विवाद के बीच शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाने के सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाया और कहा कि राजनीतिक जिम्मेदारी मंत्रियों की होनी चाहिए, न कि अधिकारियों की। इस बीच, भाजपा केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों की सभी जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है और उनसे विरोध प्रदर्शन समाप्त कर अपने भविष्य पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा, "छात्रों की 100 प्रतिशत जायज मांगें माननीय प्रधानमंत्री ने मान ली हैं।" चंद्रशेखर ने कहा कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच होगी, उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा और उन्हें जेल भेजा जाएगा। उन्होंने छात्रों से घर लौटकर पढ़ाई और बेहतर भविष्य पर ध्यान देने की अपील भी की।
राहुल गांधी और केरल सरकार पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी के गांधी स्मृति दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर "नाटकबाजी" का आरोप लगाया। वहीं, केरल सचिवालय के बाहर एलपी स्कूल शिक्षकों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर बेरोजगार युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं के शिक्षा और रोजगार के अधिकार के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी और विधानसभा से लेकर सरकार तक यह मुद्दा उठाएगी।
विरोध के बीच केंद्र ने दिए कई आश्वासन
ये बयान NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच आए हैं। NEET परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधारों को लेकर केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल पेपर लीक के आरोपियों के लिए त्वरित अदालतों और कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक के मसौदे पर विचार करेगा।
ANI
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