नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, जो संसद की

पीएम मोदी द्वारा मामले की जिम्मेदारी संभालने के बाद NEET-UG की पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होगी : दिग्विजय सिंह

पीएम मोदी द्वारा मामले की जिम्मेदारी संभालने के बाद NEET-UG की पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होगी : दिग्विजय सिंह

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, जो संसद की शिक्षा, महिला एवं युवा मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि NEET-UG और CBSE परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर समिति के सदस्यों में पूरी सहमति है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले की “कमान संभाल ली है”, इसलिए इसका समाधान सफलतापूर्वक निकलेगा।

दिन में हुई समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को या तो इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह कदम धर्मेंद्र प्रधान की “अक्षमता” के कारण खुद उठाना पड़ा है।

दिग्विजय सिंह ने एएनआई से कहा, “इस मुद्दे पर, चाहे कोई भी पार्टी का सदस्य हो, सभी की राय एक समान है—चाहे मामला NEET का हो या CBSE का। हम इसे किसी पार्टी लाइन पर नहीं देख रहे हैं, बल्कि इस पूरी प्रणाली में सुधार कैसे हो, इस पर ध्यान दे रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “धर्मेंद्र प्रधान की अक्षमता के कारण प्रधानमंत्री को खुद इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को या तो इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। हमें भरोसा है कि अब जब प्रधानमंत्री ने स्वयं इस मामले की कमान संभाली है तो इसका समाधान हर तरह से सफल होगा।”

संसद की इस स्थायी समिति की बैठक में ‘पेपर-आधारित परीक्षा बनाम कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)’ और NEET तथा NTA से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के प्रतिनिधियों को भी बैठक में बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने समिति के सामने अपनी राय प्रस्तुत नहीं की। दिग्विजय सिंह ने बैठक से पहले उनसे मुलाकात की थी।

मीडिया के एक वर्ग में बैठक से जुड़ी रिपोर्टों के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री या उनकी “प्रणाली” को कोई क्लीन चिट नहीं दी है और दिग्विजय सिंह ने भी उन पर भरोसा नहीं जताया।

उन्होंने एक्स पर लिखा कि दिग्विजय सिंह ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री स्वयं NEET पुनः परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं। छात्रों के हित में यह मानना होगा कि परीक्षा सफलतापूर्वक होगी। जयराम रमेश ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी “प्रणाली” पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि इसी प्रणाली ने 2024 NEET-UG पेपर लीक की जांच में गड़बड़ी की और अब भी NEET-UG 2026 पेपर लीक से इनकार कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रणाली उच्च शिक्षा और CBSE दोनों में परीक्षा प्रशासन को प्रभावित कर रही है। शिक्षा संबंधी संसदीय समिति की एक और बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है, जिसमें कक्षा 12 CBSE परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) और उससे जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होगी। साथ ही कक्षा 9 और 10 में त्रिभाषा फार्मूले के लागू होने पर भी विचार किया जाएगा।

शुक्रवार को समिति के सदस्यों ने NEET-UG परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और खामियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्हें CBI जांच की प्रगति की जानकारी भी दी गई थी। इस वर्ष NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी गई थी और इसे 21 जून को पुनः आयोजित किया जाएगा।

CBI ने पेपर लीक मामले की जांच में कई गिरफ्तारियां की हैं। इसी बीच CBSE ने अपने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में सामने आई कमजोरियों को स्वीकार करते हुए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से सिस्टम को मजबूत करने की बात कही है।

(एएनआई)

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