टीएमसी के भीतर जारी राजनीतिक भूचाल के बीच बागी सां

टीएमसी से अलग हुए 20 में से 19 सांसदों की सामने आई नई सूची, देखें किन-किन सांसदों के नाम शामिल हैं?

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में उथल-पुथल जारी है। टीएमसी के भीतर जारी राजनीतिक भूचाल के बीच करीब 20 सांसदों के बागी होने की चर्चाएं हैं। इसी बीच एक सूची सामने आई है, जिसमें 19 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। इस सूची में सायोनी घोष और यूसुफ पठान के नाम भी शामिल हैं। बताया जाता है कि 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय को ये नाम भेजे गए थे। 

सूची में सायोनी घोष और यूसुफ़ पठान के नाम शामिल

सूची में सबसे हैरान करने वाला नाम सायोनी घोष का है। बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान सायोनी घोष सबसे अधिक चर्चा में रही थीं। सायोनी घोष जाधवपुर लोकसभा से सांसद हैं। 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं। 2021 में वे विधानसभा चुनाव हार गई थीं, लेकिन इसके बावजूद अभिषेक बनर्जी ने उन्हें टीएमसी की यूथ विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था।

सूची में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम नहीं

पहले मीडिया रिपोर्ट्स में खबरें सामने आई थीं कि बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के नाम भी ममता बनर्जी से बगावत करने वाले सांसदों की सूची में शामिल हैं। लेकिन, सामने आई नई सूची में उनका नाम नहीं है। शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से लोकसभा सांसद हैं।

लिस्ट में कौन कौन से नाम?

  • काकोली घोष
  • शताब्दी रॉय
  • बापी हलदर
  • डॉ शर्मिला सरकार
  • प्रसून बंद्योपाध्याय
  • जगदीश बर्मा बसुनिया
  • असित कुमार मल
  • अरूप चक्रवर्ती
  • रचना बनर्जी
  • सायोनी घोष
  • खलीलुर्रहमान
  • अबू ताहिर खान
  • यूसुफ़ पठान
  • मिताली बैग
  • माला रॉय
  • कालीपद सोरेन
  • दीपक अधिकारी
  • जून मालिया
  • पार्थ भौमिक

बागी सांसदों की सूची पर कीर्ति आजाद ने उठाए थे सवाल

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने टीएमसी सांसदों के बागी होने की अटकलों और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की सूची को लेकर कहा था कि ''हर दिन एक नई सूची सामने आती है। एक दिन 19 नाम होते हैं, अगले दिन तीन नाम बदल जाते हैं। फिर अलग नामों वाली एक और सूची सामने आ जाती है। ये सूची बदलती रहती हैं। इन सूचियों की कोई विश्वसनीयता नहीं है।'' साथ ही उन्होंने कहा था कि ''अगर कोई जाना चाहता है, तो जा सकता है। लेकिन, पार्टी छोड़ने के बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं करना चाहिए।