NHRC ने पंजाब के ग्रामीण, दूर-दराज और सीमावर्ती सर

पंजाब के सीमावर्ती स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस न मनाने पर NHRC सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट

NHRC Seeks Report on Non-Observance of I-Day in Punjab Border Schools

नई दिल्ली (भारत)। भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की प्रियंक कानूनगो की बेंच ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस न मनाए जाने से जुड़ी शिकायत का संज्ञान लिया है। बेंच ने इस मामले में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शिकायत में खास तौर पर ग्रामीण, दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों के सरकारी स्कूलों को लेकर चिंता जताई गई है। आरोप है कि इन स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित नहीं किए गए। ऐसे में वहां पढ़ने वाले बच्चे राष्ट्रीय समारोहों में भाग लेने के अवसर से वंचित रह गए होंगे। NHRC ने इसी पहलू को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से मामले की जांच करने को कहा है।

बच्चों को समान शैक्षिक और नागरिक अवसर मिले या नहीं, जांच के निर्देश

NHRC बेंच ने पंजाब सरकार को यह जांचने का निर्देश दिया है कि सीमावर्ती और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों को स्वतंत्रता दिवस से जुड़े शैक्षिक, सांस्कृतिक और नागरिक अवसर मिले या नहीं। बेंच यह भी देखना चाहती है कि क्या इन क्षेत्रों के बच्चों को राज्य के अन्य हिस्सों में रहने वाले बच्चों के समान अवसर उपलब्ध थे। शिकायत में उठाए गए मुद्दे का संबंध बच्चों की राष्ट्रीय पर्व में भागीदारी से है। इसलिए सरकार को अलग-अलग क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति की जांच करने को कहा गया है। खास तौर पर ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों के स्कूलों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके आधार पर अवसरों में किसी संभावित अंतर की जानकारी भी मांगी गई है।

15 अगस्त के आयोजन का स्कूल-वार विवरण देगी पंजाब सरकार

पंजाब सरकार से 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाए जाने को लेकर राज्य-वार, जिला-वार और स्कूल-वार जानकारी मांगी गई है। सरकार को बताना होगा कि कितने सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके अलावा कितने स्कूलों में राष्ट्रगान गाया गया और कितने स्कूलों में छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया, इसकी जानकारी भी देनी होगी। NHRC ने उन स्कूलों की पहचान करने को कहा है जहां निर्धारित गतिविधियां आयोजित नहीं की गईं। ऐसे स्कूलों में नियमों का पालन नहीं होने के कारणों की जानकारी भी सरकार को देनी होगी। इस रिपोर्ट के जरिए आयोग पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करना चाहता है।

ग्रामीण और सीमावर्ती स्कूलों की विशेष जांच के निर्देश

NHRC बेंच ने ग्रामीण, दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में स्थित स्कूलों के सत्यापन के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। आयोग ने इन क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को मिलने वाले अवसरों में किसी भी तरह की असमानता का विवरण मांगा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या भौगोलिक स्थिति के कारण बच्चों के अवसर प्रभावित हुए। सरकार को ऐसे स्कूलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटानी होगी। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस के आयोजन से संबंधित निर्धारित गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। NHRC ने इस पूरी प्रक्रिया के जरिए समान अवसर से जुड़े सवालों की पड़ताल करने को कहा है।

स्वतंत्रता दिवस बच्चों को राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का अवसर: NHRC

NHRC बेंच ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए बच्चों को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में जानने का अवसर मिलता है। इसके अलावा वे संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों और नागरिक कर्तव्यों के बारे में भी सीखते हैं। बेंच ने राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने में ऐसे अवसरों के महत्व को भी रेखांकित किया। आयोग का मानना है कि राष्ट्रीय पर्व बच्चों के शैक्षिक और नागरिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इसी संदर्भ में सीमावर्ती और दूर-दराज के स्कूलों में आयोजनों की स्थिति की जांच की जा रही है।

पंजाब के मुख्य सचिव को चार सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश

पंजाब के मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। NHRC बेंच ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से भी इस मामले से संबंधित जानकारी मांगी है। इसके साथ ही उचित कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय को भी मामले से अवगत कराया गया है। आयोग अब पंजाब सरकार की रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की स्थिति देखेगा। रिपोर्ट में स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह की वास्तविक स्थिति का विवरण शामिल होगा। खास तौर पर उन स्कूलों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी जहां निर्धारित गतिविधियां नहीं हुईं।

क्या भौगोलिक स्थिति के कारण बच्चों को समान अवसर नहीं मिला?

प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC बेंच यह पता लगाना चाहती है कि क्या सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले बच्चों को केवल उनके स्कूलों की भौगोलिक स्थिति के कारण राष्ट्रीय पर्व में भाग लेने के समान अवसर से वंचित रखा गया। आयोग इसी शिकायत के आधार पर पंजाब सरकार से विस्तृत जानकारी मांग रहा है। जांच में ग्रामीण, दूर-दराज और सीमावर्ती क्षेत्रों के स्कूलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। सरकार से स्कूल-वार विवरण मांगे जाने के बाद इस मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी। NHRC की कार्रवाई का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सभी बच्चों को स्वतंत्रता दिवस से जुड़े समान अवसर मिले थे या नहीं। अब पंजाब सरकार की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट का इंतजार है। (Source: ANI)

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