NIA ने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) की शाखा

जेएमबी आतंकी साजिश मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ एनआईए का आरोपपत्र

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) आतंकवादी संगठन की एक शाखा की रची गई आतंकी साजिश के मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। गुरुवार को गुवाहाटी के एनआईए की विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता-2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम-1967 की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा और युवाओं का कट्टरपंथीकरण उद्देश्य

एनआईए की जांच में पता चला है कि आरोपी जेएमबी की एक शाखा इमाम महमूदर काफिला (आईएमके) की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में आतंकी संगठन की विचारधारा का विस्तार करना था। एनआईए ने कहा कि इस साजिश में आतंकी संगठन के चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देना, कमजोर युवाओं का कट्टरपंथीकरण करना और भारत में संगठन के नेटवर्क का विस्तार करना शामिल था।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भारत विरोधी प्रचार की रची साजिश

आतंकवाद विरोधी संगठन की जांच से पता चला कि जेएमबी के वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने प्रतिबंधित संगठन के नापाक एजेंडे को भारत में फैलाने के लिए आईएमके की स्थापना की थी। एनआईए की जांच में सामने आया कि आरोपपत्र में शामिल 11 आरोपियों ने गुप्त बैठकों, धार्मिक शिक्षा कार्यक्रमों, चरमपंथी साहित्य के प्रसार और भारत विरोधी प्रचार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के जरिए भारत में आईएमके की मौजूदगी बढ़ाने की साजिश रची थी। "वे आईएमके/जेएमबी के नेतृत्व के प्रति निष्ठा को बढ़ावा दे रहे थे।"

दो आरोपियों की हुई पहचान, जांच जारी

आरोपपत्र में शामिल दो प्रमुख आरोपियों की पहचान असम में आईएमके की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे नसीमउद्दीन और त्रिपुरा में संगठन का नेतृत्व कर रहे जागीर मियां के रूप में हुई है। जांच के दौरान, एनआईए ने आपत्तिजनक दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड का एक जखीरा बरामद किया, जिनका इस्तेमाल आरोपियों के खिलाफ मामला बनाने में किया गया। एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच जारी है।