NIA की बड़ी कार्रवाई: RSS कार्यालय बम हमले मामले में 6 राज्यों समेत कई जगहों पर 20 ठिकानों पर छापेमारी
नई दिल्ली (भारत)। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए बम हमले से जुड़े मामले में कई राज्यों में 20 स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही है।
दुबई कनेक्शन की जांच में जुटी एजेंसी
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 5, महाराष्ट्र में 3, दिल्ली में 2 और बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में एक-एक स्थान पर तलाशी ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार (16 जून) को झारखंड के रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों का संबंध आईएसआई द्वारा वित्तपोषित तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान से पाया गया है और दुबई में उन्हें कट्टरपंथी बनाया गया था। सूत्रों ने बताया कि सैफ अंसारी और अमन अंसारी दुबई गए थे, जहां वे पाकिस्तानी नागरिक शाहबाज राणा उर्फ भट्टी के संपर्क में आए। सूत्रों ने कहा, "इसके बाद, वे कट्टरपंथी बन गए और टीटीएच की भारत विरोधी गतिविधियों को फैलाने के लिए सहमत हो गए।"
हैंडलर्स से संपर्क और वीडियो भेजने का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दुबई में चलने वाले 'बोटिम ऐप' और व्हाट्सएप के जरिए अपने हैंडलर्स के लगातार संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि हमले के बाद उन्होंने घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया और उसे अपने हैंडलर को भेज दिया।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों की पहचान सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सयम सुजान के रूप में हुई है। पुलिस ने तकनीकी सबूतों और घटना में इस्तेमाल की गई रैपिडो कैब की मदद से उनका पता लगाया और भागते समय बोकारो और कोडरमा पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने पहले बताया था,“16 जून को निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर कुछ अज्ञात अपराधियों ने पेट्रोल बम फेंका। हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए हम सभी सक्रिय रूप से शामिल थे। तकनीकी और अन्य सबूतों के आधार पर जांच शुरू करने पर हमें पता चला कि इस घटना में अपराधियों ने रैपिडो कैब का इस्तेमाल किया था। भागते समय अपराधियों का पता चलने पर हमने बोकारो और कोडरमा पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया।”
आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद ATS जांच
रंजन ने कहा था कि जांच में "अंतर्राष्ट्रीय और आतंकी संबंधों" का खुलासा होने के बाद मामले को झारखंड एटीएस को सौंप दिया जाए। पुलिस ने यह भी कहा कि व्यापक नेटवर्क और फंडिंग की जांच के चलते और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोल बम फेंकने वाला आरोपी कोटवाली पुलिस स्टेशन के लॉकअप से दो बार भागने की कोशिश कर चुका था।
लॉकअप से भागने की कोशिश, फायरिंग में घायल आरोपी
एसएसपी रंजन ने बताया, “प्रारंभिक पूछताछ के दौरान हमें कुछ महत्वपूर्ण कड़ियों का पता चला, जिनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय कड़ियाँ भी शामिल हैं। हम फिलहाल इनकी जांच कर रहे हैं। हमने पुलिस मुख्यालय को सिफारिश की है कि इस मामले की जांच एटीएस द्वारा कराई जाए। आगे की जांच एटीएस ही करेगी। इन तीन अपराधियों में से एक, जिसने पेट्रोल बम फेंका था, लॉकअप से भागने की कोशिश कर रहा था। उससे कोतवाली पुलिस स्टेशन के लॉकअप में पूछताछ की जा रही थी। हमने उसे कमांडर की चौकी पर पकड़ा। पकड़े जाने के बाद उसने फिर भागने की कोशिश की। उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। हमने भी आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई, जिससे उसके पैर में गोली लगी। उसका इलाज चल रहा है।”
साजिश और नेटवर्क की जांच जारी
उन्होंने आगे कहा,“सैफ अंसारी, अमन अंसारी और संयम सुजान सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके अलावा कुछ अन्य कड़ियाँ भी हैं जिनकी जांच की जाएगी। किसी भी घटना के दो ही मकसद हो सकते हैं। एक है अफवाह फैलाना और दूसरा है सामाजिक सद्भाव को हर संभव तरीके से नुकसान पहुंचाना।” (Source- ANI)
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