ऑनलाइन आतंकवाद फैलाने की साजिश के मामले में एनआईए का नौ राज्यों में छापा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को नौ राज्यों में 20 स्थानों पर छापा मारकर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई ऑनलाइन आतंकवाद फैलाने के मामले में की गई है। इसके पीछे आईएसआईएस और अकीस जैसे आतंकवादी संगठनों का मकसद लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई भारत सरकार के खिलाफ हिंसक 'जिहाद' खड़ा करना था। इतना ही नहीं उनकी मंशा भारत में एक इस्लामी राज्य स्थापित करना भी था।
कई डिजिटल उपकरण बरामद
एजेंसी ने उत्तर प्रदेश में पांच, आंध्र प्रदेश में चार, महाराष्ट्र में तीन, दिल्ली में दो और बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में एक-एक स्थान पर तलाशी ली। एनआईए ने बताया कि तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच के बाद ही इनकी साजिश का विसतृत खुलासा होगा। एनआईए की विशाखापत्तनम शाखा ने विजयवाड़ा पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद इस वर्ष 13 मई को एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में अब तक ग्यारह आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूर्व के छापों में बरामद हो चुकी है आपत्तिजनक सामग्री
विजयवाड़ा पुलिस ने मूल रूप से मार्च में मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के आवास पर तलाशी के बाद मामला दर्ज किया था, जिसमें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों AQIS (अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट) और ISIS (इस्लामिक स्टेट) से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। NIA ने कहा, "आज तलाशी लिए गए स्थानों का चयन पहले जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण, गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्टिविटी विश्लेषण और अन्य जांच निष्कर्षों के आधार पर किया गया था।" गिरफ्तार आरोपी और उनके सहयोगी हिंसक जिहादी सामग्री और गलत सूचनाओं के माध्यम से देश भर के युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहे थे। आतंकवाद विरोधी एजेंसी के अनुसार, आरोपी "जिहादी विचारधारा" का प्रचार करने और भारत विरोधी साजिश को बढ़ावा देने के लिए अपने विदेशी आकाओं के साथ ऑनलाइन संपर्क में भी थे। (ANI)