बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और राहुल गा

विपक्षी प्रदर्शनों के पीछे भारत को अस्थिर करने की साजिश, राहुल के विदेशी दौरों पर निशिकांत दुबे का हमला

BJP MP Nishikant Dubey

दुमका (झारखंड)। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष के प्रदर्शनों को भारत को अस्थिर करने की गहरी साजिश करार दिया है। झारखंड के दुमका में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी के विदेशी संपर्कों पर गंभीर सवाल खड़े किए।

विदेशी ताकतों से मिलीभगत का आरोप

दुमका में मीडिया को संबोधित करते हुए निशिकांत दुबे ने दावा किया कि विदेशी संस्थाएं और कुछ तत्व भारत में सत्ता परिवर्तन की नीयत से आंदोलनों को हवा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इन तत्वों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

सांसद ने कहा, "कांग्रेस नेतृत्व और विपक्ष में शामिल लोग सिर्फ सरकार बदलना नहीं चाहते, बल्कि देश को तोड़ने के लिए विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।" हालांकि, अपने इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित सबूत प्रस्तुत नहीं किया।

राहुल गांधी के विदेशी दौरों पर उठाए सवाल

राहुल गांधी के विदेश दौरों और अमेरिकी सांसदों के साथ बैठकों पर हमला बोलते हुए दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता देश विरोधी हितों से जुड़े लोगों के संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा, "मैंने संसद में भी कहा था कि सोरोस फाउंडेशन की आड़ में राहुल गांधी अमेरिकी सांसद इल्हान उमर और रो खन्ना से मिलते हैं।"

दुबे ने कांग्रेस से सीधा सवाल पूछा, "नेविल रॉय सिंघम, ऑनलाइन सट्टेबाजी कार्टेल, एआई और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े किन-किन लोगों से राहुल गांधी ने पिछले पांच वर्षों में मुलाकात की है? क्या इनमें से कोई उनकी 'भारत जोड़ो यात्रा' का हिस्सा था?"

क्रिप्टो, एआई और सट्टेबाजी से अर्थव्यवस्था को खतरा

बीजेपी सांसद ने अमेरिकी कांग्रेस के दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि विदेशी ताकतें राजनीति को प्रभावित करने के लिए नई तकनीकों का सहारा ले रही हैं।

उन्होंने आगाह करते हुए कहा, "आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। दुनिया की अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी मौजूद है और तीसरा खतरा ऑनलाइन जुआ है।"

दुबे ने केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रतिबंध लगाया गया है और क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मुद्रा का दर्जा नहीं दिया गया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और संथाल परगना में जनसांख्यिकी बदलाव

दिल्ली में चल रहे आंदोलनों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी आम जनजीवन को प्रभावित कर रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रदर्शन के मामले में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेताओं को समन भेजे जाने के बाद दुबे की यह टिप्पणी आई है।

इसके अलावा, दुबे ने झारखंड के संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध पूरी तरह से राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का एकमात्र सही जरिया चुनाव हैं, न कि सड़कों पर किए जाने वाले उग्र प्रदर्शन।

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