अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में बढ़ते नए तनाव और

अमेरिका-ईरान टकराव बढ़ने से तेल बाजार में आग, कच्चा तेल 100 डॉलर के पार

Oil Prices Surge Above $100 Amid Strait of Hormuz Tensions

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की बैठक की चर्चाओं के बीच अब समुद्र में बढ़ते नए तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवागमन बंद होने के बाद कच्चे तेल की कीमत में एक बार फिर उछाल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 8% बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गयी हैं।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अभी तक नहीं बनी कोई सहमति

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर होने वाली समझौता वार्ता की तारीख तय नहीं होने और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी और जहाजों पर नियंत्रण से आपूर्ति बाधा के डर से क्रूड की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि हुई है। दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। 

ईरान-अमेरिका टकराव से कच्चे तेल में तेज उछाल

अमेरिका जहां अपने नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे ईरानी जहाजों को कब्जे में ले रहा है, तो ईरान की ओर से अमेरिकी नेवी पर ड्रोन अटैक किए जाने की खबरें आ रही हैं। जंग और टेंशन फिर से बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला है। क्रूड आयल की कीमत करीब 8% की तेजी के बाद 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।

ब्रेंट और WTI क्रूड में भारी तेजी, भारत में भी असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा 7.18 प्रतिशत तक उछलकर 96.87 डॉलर प्रति बैरल के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 8.76 प्रतिशत की तेजी के साथ 91.20 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। भारत में घरेलू स्तर पर भी इस तेजी का असर देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कच्चा तेल 6.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹8,289 प्रति बैरल पर पहुंच गया।

Strait of Hormuz बना वैश्विक तेल संकट का केंद्र

ऑयल मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान द्वारा Strait of Hormuz पर नियंत्रण कड़ा करने की वजह से तेल की कीमतों में यह उछाल देखने को मिल रहा है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से बंद करने की चेतावनी दी है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है, जिसके जरिए खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। अगर ये जलमार्ग टैंकरों के लिए फिर से बंद होता है तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

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