BRICS संसदीय मंच से पहले ओम बिरला की क्यूबा, मिस्र, बेलारूस और रूस के नेताओं से अहम बैठकें
नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई दिल्ली में शुरू होने वाले 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच से पहले क्यूबा, मिस्र और बेलारूस के संसदीय नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा की। इन द्विपक्षीय बैठकों का मुख्य उद्देश्य विधायी सहयोग को गहरा करना, आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना, व्यापार और फार्मास्यूटिकल संबंधों का विस्तार करना और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं की पैरवी करना था। क्यूबा की नेशनल असेंबली ऑफ़ पीपुल्स पावर एंड काउंसिल ऑफ स्टेट की उपाध्यक्ष एना मारिया मारी मचाडो के साथ पहली बैठक में स्पीकर बिरला ने अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता और क्षमता निर्माण के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
ओम बिरला की क्यूबा और मिस्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात
बैठक के बाद बिरला ने कहा कि दोनों नेताओं ने संसदीय आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा स्वास्थ्य सेवा एवं फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों की व्यापक भूमिका पर जोर देते हुए कहा, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में ब्रिक्स की भूमिका पर जोर देते हुए, यह पुनपुष्टि की गई कि घनिष्ठ संसदीय जुड़ाव भारत और क्यूबा के बीच मित्रता और एकजुटता के दीर्घकालिक बंधनों को और मजबूत करेगा। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और प्रमुख सामेह शौकरी के साथ अपनी चर्चा में बिरला ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को याद किया, विशेष रूप से 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काहिरा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद आए नए जोश का जिक्र किया।
ओम बिरला की मिस्र के साथ संसदीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
बिरला ने कहा, हमने दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच स्थायी बंधनों और 2023 में माननीय प्रधानमंत्री की मिस्र की ऐतिहासिक यात्रा के बाद भारत-मिस्र संबंधों में आए नए जोश पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने व्यापार, सुरक्षा और संस्थागत संवाद पर हुई चर्चाओं का विवरण देते हुए कहा कि उन्होंने संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से संसदीय सहयोग को गहरा करने और फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स और उद्योग में सहयोग का विस्तार करने के रास्ते तलाशने पर चर्चा की। मैंने पहलगाम आतंकवादी हमले की मिस्र द्वारा की गई कड़ी निंदा के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया और आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए संयुक्त वैश्विक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। साझेदारी के भविष्य की ओर देखते हुए, बिरला ने कहा, मुझे विश्वास है कि मजबूत संसदीय संबंध हमारी दीर्घकालिक साझेदारी को और समृद्ध करेंगे तथा शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझा आकांक्षाओं को आगे बढ़ाएंगे।
व्यापार और बैंकिंग सहयोग बढ़ाने पर जोर
पूर्वी यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव को बढ़ाते हुए, स्पीकर बिरला ने बेलारूस गणराज्य की प्रतिनिधि सभा के उपाध्यक्ष वादिम इपाटोव का भी स्वागत किया। अपनी बातचीत के दौरान बिरला ने कहा कि उन्होंने "व्यापार और आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए संसदीय आदान-प्रदान, विधायी सर्वोत्तम प्रथाओं और क्षमता निर्माण को साझा करने और भारत और बेलारूस के बीच मजबूत बैंकिंग संबंधों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों (विशेषकर ब्रिक्स) के माध्यम से ग्लोबल साउथ की आवाज को बुलंद करने और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। भारत और बेलारूस 2027 में अपने राजनयिक संबंधों की 35वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्पीकर बिरला ने टिप्पणी की कि मुझे विश्वास है कि घनिष्ठ संसदीय जुड़ाव, मजबूत आर्थिक और वित्तीय संबंध, और वैश्विक मुद्दों पर अधिक समन्वय हमारी साझेदारी को नई गति देगा।
ओम बिरला और रूसी संसद के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन के बीच वार्ता
दिन में पहले लोकसभा सचिवालय ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत-रूस की मित्रता, संसदीय सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में जुड़ाव को मजबूत करने पर चर्चा करने के लिए रूसी संघ की फेडरल असेंबली के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। लोकसभा सचिवालय के अनुसार, बिरला ने भारत और रूस के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' का उल्लेख किया और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होने को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। बैठक के दौरान, बिरला ने भारत और रूस की संसदों के बीच अंतर-संसदीय आयोग की अगली बैठक आयोजित करने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया। दोनों पक्षों ने संस्थागत संसदीय संवाद के महत्व पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान तथा युवा और महिला संसद सदस्यों के बीच संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से द्विपक्षीय जुड़ाव को मजबूत करने पर भी चर्चा की। भारत की संसद 26 और 27 अक्टूबर को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी करेगी।
(इनपुट: ANI)
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