ओमान के राजदूत ईसा सालेह अब्दुल्ला अलशिबानी ने नई

ओमान के राजदूत ने की पीएम मोदी के वैश्विक दृष्टिकोण की सराहना, शांतिपूर्ण संवाद पर दिया जोर

Oman envoy praises PM Modi's global vision, emphasizes peaceful dialogue

नई दिल्ली (भारत)। नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत में ओमान के राजदूत ईसा सालेह अब्दुल्ला अलशिबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक दृष्टिकोण की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और संवाद के प्रति भारत के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक संकटों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण संवाद सबसे जरूरी माध्यम है। तनाव कम करने, संघर्ष समाधान और पड़ोसी देशों में स्थिरता लाने के लिए भारत द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए राजदूत ने स्पष्ट किया कि ओमान की विदेश नीति भारत के मार्गदर्शक दर्शन के पूरी तरह अनुरूप है।

भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक संबंध

अलशिबानी ने एएनआई से बातचीत में कहा कि भू-राजनीतिक संकटों का प्रभाव केवल प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह व्यापक वैश्विक समुदाय को भी अपनी चपेट में लेता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस आदर्श वाक्य का जिक्र किया जिसमें 'एक पृथ्वी, एक परिवार' की बात कही गई है। भारत और ओमान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बैठकें और संवाद हमेशा जारी रहेंगे। भारत न केवल एक बड़ा देश है, बल्कि एक बहुत ही करीबी पड़ोसी भी है जिसके साथ हजारों साल पुराने ऐतिहासिक और गहरे संबंध रहे हैं।

व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) और ऊर्जा सहयोग

ईंधन और ऊर्जा आपूर्ति में भारत-ओमान सहयोग के बारे में बात करते हुए राजदूत ने कहा कि हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) दोनों देशों के बीच व्यापार को सुगम बनाने में मदद करेगा। यह समझौता ईंधन के परिवहन को आसान बनाने और टैरिफ को समाप्त करने का एक प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि यह संकट के समय एक भरोसेमंद पड़ोस सुनिश्चित करने की दिशा में सरकारों के साथ मिलकर काम करने का एक मजबूत माध्यम है। 11 ब्रिक्स देशों ने 12 सितंबर को शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया है, जिसमें संघर्ष, आतंकवाद और ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।

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