ओवैसी ने BJP और सपा पर साधा निशाना। कहा- अब मुसलमा

ओवैसी का BJP-SP पर बड़ा हमला, बोले- मुसलमान अब वोट बैंक नहीं, यूपी में विधायक बनकर उठाएंगे अपने हक की आवाज

AIMIM chief Asaduddin Owaisi speaks to media

हैदराबाद (तेलंगाना)। हैदराबाद से सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब मुसलमानों को महज एक 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब वे खुद अपने नेता और विधायक बनकर उभरेंगे।

अब्दुल पंचर नहीं बनाएगा, सीनेटर और विधायक बनेगा

भारतीय राजनीति में मुस्लिम समुदाय को लेकर पेश की जाने वाली रूढ़िवादी छवि पर ओवैसी ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने अमेरिका में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद की चुनावी जीत का जिक्र करते हुए भारतीय राजनीतिक दलों को आईना दिखाया।

ओवैसी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "अब्दुल जब मिशिगन में चुनाव जीता, तो इस पर हंगामा मच गया। भाजपा के लोग मजाक बनाते हुए कहते थे कि 'अब्दुल तो पंचर बनाता है'। वहीं सपा के लोग तंज कसते थे कि 'अब्दुल तो दरियां बिछाएगा'।"

उन्होंने आगे कहा, "हमारा सीधा कहना है कि लोकतंत्र में अब 'अब्दुल' सीनेटर बन चुका है। इसलिए अब अब्दुल किसी के आगे सिर नहीं झुकाएगा। वह उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतेगा, विधायक बनेगा और अपने हक की बात करेगा।"

2026 अमेरिकी चुनाव और राजनीतिक बदलाव

ओवैसी का यह बयान अमेरिका के 2026 मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक सफलता के संदर्भ में आया। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट दोनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी ने कब्जा जमाया। टेक्सास और कैनसस जैसे राज्यों ने दशकों बाद डेमोक्रेटिक सीनेटर चुने हैं।

अखिलेश यादव के बयान पर ओवैसी की प्रतिक्रिया

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'चुनाव न लड़ने पर वे मुख्यमंत्री बनते हैं', ओवैसी ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी। 

ओवैसी ने कहा, "यह उनकी पार्टी का अंदरूनी फैसला है और इस पर बोलना हमारा काम नहीं है। लेकिन हमारी पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ेगी। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे प्रत्याशी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे और अल्पसंख्यकों व वंचितों की बुलंद आवाज बनेंगे।"

कदीमी मस्जिद विवाद पर केंद्र को घेरा

राजनीतिक हमलों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख ने दिल्ली के कृषि भवन के पास स्थित ऐतिहासिक 'कदीमी मस्जिद' को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लिए हटाने की खबरों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

ओवैसी ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा, "लुटियंस दिल्ली का निर्माण 1908 में शुरू हुआ था। उस वक्त कई गांवों की जमीनों का अधिग्रहण हुआ, लेकिन इन मस्जिदों को जानबूझकर सुरक्षित रखा गया था। लुटियंस दिल्ली को इन्हीं मस्जिदों के इर्द-गिर्द बसाया गया था। यह मस्जिद हमारे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है।"

उन्होंने केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देते हुए कहा, "सरकार इस मस्जिद की मालिक नहीं है, यह एक पंजीकृत वक्फ संपत्ति है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू को सरकार को सही तथ्यों से अवगत कराना चाहिए। यह मस्जिद संविधान बनने और दिल्ली के राजधानी बनने से बहुत पहले की है। इसे मिटाना किसी भी सूरत में धर्मनिरपेक्षता नहीं है।" (इनपुट: ANI)

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