देश की सुरक्षा में सेंध लगाने और पाकिस्तान के लिए

पाकिस्तान की जासूसी: NIA कोर्ट ने मास्टरमाइंड शकील को सुनाई 5.5 साल की सजा

Pakistan Espionage Case: NIA Court Sentences Key Accused to 5.5 Years in Jail

नई दिल्ली। देश की सुरक्षा में सेंध लगाने और पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में विशाखापत्तनम स्थित नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने आरोपी को 5.5 साल जेल की सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी अल्ताफ हुसैन घांचीभाई उर्फ ​​शकील पर SIM कार्ड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा को खतरे में डालने का दोषी पाया गया है।

जुर्म कबूलने के बाद कोर्ट ने सुनाई सजा व लगाया भारी जुर्माना

NIA के मुताबिक शकील ने ट्रायल के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया था। आरोपी को अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट के सेक्शन 18 के तहत 5 साल 6 महीने की साधारण जेल और 5,000 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है और इनकम टैक्स एक्ट, 2000 के सेक्शन 66C के तहत 2.5 साल की साधारण जेल और 5,000 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। दोनों सज़ाएँ एक साथ चलेंगी, जिनकी ज़्यादा से ज़्यादा सज़ा 5.5 साल होगी।

पाकिस्तानी नौसेना की साजिश

NIA की जांच में यह भी पता चला कि पाकिस्तानी नेवी समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को गिरफ्तार कर लेती थी। इसके बाद उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया जाता था। बाद में इन्हीं SIM कार्ड को शकील जैसे गुर्गों की मदद से भारत में एक्टिवेट कर जासूसी जैसी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था।

भारतीय सेना के जवानों को जाल में फंसाते थे पाकिस्तानी जासूस

NIA ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी ने इन जब्त सिम कार्ड्स को अपने मोबाइल फोन में डालकर वन-टाइम पासवर्ड जेनरेट किए और उसे पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIOs) के साथ साझा किए। इससे पाकिस्तान में बैठे जासूसों ने OTP के माध्यम से भारतीय व्हाट्सऐप अकाउंट बना लिए। पाकिस्तानी जासूस इन्हीं फर्जी अकाउंट के जरिए भारतीय रक्षा कर्मियों से संपर्क करते थे और उनसे संवेदनशील सैन्य जानकारियां निकलवाने की कोशिश करते थे।

NIA ने यह भी कहा कि वे साइबर-इनेबल्ड और दूसरी क्रॉस-बॉर्डर टेररिस्ट और जासूसी एक्टिविटीज़ को काउंटर करने और ऐसे सभी अपराधियों को सज़ा दिलाने के लिए अपनी सावधानी भरी कोशिशें जारी रखे हुए है।

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