पारादीप पोर्ट पर उतरा पहला केपसाइज जहाज, वेस्टर्न डॉक-1 पर MV मिनरल क्वांगयांग की सफल डॉकिंग से रचा गया नया इतिहास
जगतसिंहपुर (ओडिशा)। पारादीप पोर्ट अथॉरिटी ने वेस्टर्न डॉक-1 (WD-1) पर 16.5 मीटर ड्राफ्ट वाले अपने पहले 'केपसाइज' (Capesize) जहाज, MV मिनरल क्वांगयांग (MV Mineral Kwangyang) को सफलतापूर्वक डॉक किया है। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के हे पॉइंट से 152,702 मीट्रिक टन कोकिंग कोल लेकर आए इस 292 मीटर लंबे जहाज ने PPA की गहरे ड्राफ्ट वाले जहाजों को संभालने की क्षमता में एक अहम उपलब्धि हासिल की है।
अध्यक्ष सुशांत कुमार पुरोहित ने दी बधाई
पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष सुशांत कुमार पुरोहित (IRSEE) ने इस बड़ी उपलब्धि के लिए PPA और JPPL की टीमों को बधाई दी। इस बीच, केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पहले पारादीप पोर्ट अथॉरिटी (PPA) में 427.80 करोड़ रुपये की लागत वाली सात प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
बंदरगाह की कार्यक्षमता और क्षमता में विस्तार
इन परियोजनाओं ने बंदरगाह की 18.5 मीटर गहरे ड्राफ्ट वाली क्षमता और 10 लाख पेड़ लगाने के मील के पत्थर को चिह्नित किया। साथ ही, उन्होंने पारादीप की क्षमता, दक्षता और कार्गो-हैंडलिंग क्षमताओं को और मजबूत करने के उद्देश्य से ₹1,580.36 करोड़ की तीन मशीनीकरण परियोजनाओं के लिए रियायती समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए।
परियोजनाओं में नेविगेशन, कनेक्टिविटी और सामुदायिक विकास शामिल
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इन परियोजनाओं में नेविगेशन, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, स्थिरता, आवासीय बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास शामिल हैं, जबकि मशीनीकरण परियोजनाओं का उद्देश्य कार्गो हैंडलिंग में सुधार करना और जहाज के आने-जाने के समय को कम करना है। केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने कहा कि इन निवेशों से पारादीप की एक प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार के रूप में स्थिति मजबूत होगी और पूर्वी क्षेत्र में व्यापक आर्थिक अवसर पैदा होंगे।
पारादीप बनेगा पूर्वी भारत की आर्थिक ग्रोथ का बड़ा केंद्र
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "पारादीप पोर्ट की क्षमता का विस्तार केवल एक बंदरगाह को मजबूत करने के बारे में नहीं है। यह पूर्वी भारत के लिए विकास को कई गुना बढ़ाने (ग्रोथ मल्टीप्लायर) के बारे में है। गहरे ड्राफ्ट, आधुनिक कार्गो-हैंडलिंग बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक मशीनीकरण के साथ, पारादीप इस क्षेत्र में व्यापार, लॉजिस्टिक्स, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने और भारत के एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने में योगदान देने के लिए अच्छी स्थिति में है।" (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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