विपक्ष ने संसद के मानसून सत्र में NEET-UG, राम मंदिर से लेकर इन मुद्दों पर चर्चा की उठाई मांग
नई दिल्ली: आज से शुरू हुए संसदीय मानसून सत्र से पहले कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने अवसरवाद से प्रेरित सामूहिक राजनीतिक दलबदल पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से नए दलबदल विरोधी कानून की आवश्यकता पर चर्चा के लिए दिन का कार्य स्थगित करने का अनुरोध किया।
एक नए दलबदल विरोधी कानून की रूपरेखा पर चर्चा की मांग
लोकसभा महासचिव को दिए अपने नोटिस में तिवारी ने सदन से प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यवाहियों को स्थगित करने का आग्रह किया ताकि नए दलबदल विरोधी ढांचे की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जा सके। कांग्रेस सांसद ने अपने नोटिस में कहा, "मैं प्रस्ताव करता हूं कि यह सदन प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन की अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यवाहियों को स्थगित करें ताकि एक नए दलबदल विरोधी कानून की रूपरेखा पर चर्चा की जा सके जो अवसरवाद से प्रेरित और किसी भी वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेदों से रहित सामूहिक राजनीतिक दलबदल पर रोक लगाए। इसके साथ ही संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए स्थान प्रदान करे।"
दलबदल कानून पर विशेष चर्चा की मांग
तिवारी ने तर्क दिया कि अवसरवाद से प्रेरित राजनीतिक दलबदल को हतोत्साहित किया जाना चाहिए, लेकिन प्रस्तावित कानून में संसद के साथ-साथ राज्य विधानसभाओं के भीतर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी स्थान सुरक्षित होना चाहिए। इसलिए मैं सरकार से आज का कार्य स्थगित करने और इस अत्यंत महत्वपूर्ण मामले पर पूर्ण चर्चा की अनुमति देने का आग्रह करता हूं। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने वाला है, जिसमें लोकसभा में सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। इसके साथ ही शोक संदेश, प्रश्नकाल, सदन में रखे जाने वाले पत्र, मंत्री का वक्तव्य और अन्य सूचीबद्ध कार्यसूची पर भी चर्चा होगी, जैसा कि लोकसभा की कार्यसूची में बताया गया है।
लोकसभा की कार्यसूची में कई अहम प्रस्ताव
विधायी कार्यवाही के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में पेश करने की अनुमति मांगेंगे, जिसका उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में और संशोधन करना है। यह विधेयक केंद्र द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए जारी अध्यादेश का स्थान लेगा। निचले सदन में भाजपा सांसदों ईटाला राजेंदर और अजय भट्ट द्वारा पेश किए जाने वाले लाभ के पदों पर संयुक्त समिति से संबंधित प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।
राज्यसभा में समिति सदस्यों के चुनाव का प्रस्ताव
प्रस्ताव में सिफारिश की गई है कि राज्यसभा एनआर इलांगो और दीपक प्रकाश की सेवानिवृत्ति से रिक्त हुए पदों को भरने के लिए एकल हस्तांतरणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा लाभ के पदों पर संयुक्त समिति में अपने दो सदस्यों का चुनाव करें और निर्वाचित सदस्यों के नामों की सूचना लोकसभा को दे। लोकसभा की कार्यवाही आज पूर्व सांसद नादेंडला भास्कर राव, ओमवती देवी, सुधांशु सील, मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त), केपी धनपालन, प्यारे लाल सांखवार और कतर राज्य के पिता अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शुरू होगी।
लोकसभा में प्रश्नकाल और मंत्रालयों के बयान
इसके बाद प्रश्नकाल होगा, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्रालय से अर्जुन राम मेघवाल, वित्त मंत्रालय से पंकज चौधरी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से कीर्ति वर्धन सिंह सदन के पटल पर अपने पत्र रखेंगे। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय से संबंधित तेल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े मुकदमों पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस स्थायी समिति की चौथी रिपोर्ट में निहित सिफारिशों के कार्यान्वयन की स्थिति के संबंध में एक बयान देंगे। लोकसभा दिन में नियम 377 के अंतर्गत आने वाले मामलों पर भी विचार करेगी।
वंदे मातरम के अपमान पर सख्त कानून की तैयारी
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन करने वाला विधेयक पेश करने वाले हैं। प्रस्तावित विधेयक में राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" के अपमान या उसमें बाधा डालने को आपराधिक अपराध बनाने का प्रावधान है। राज्यसभा की कार्यसूची के अनुसार, यह विधेयक संसद के मानसून सत्र के पहले दिन पेश किया जाएगा। उच्च सदन में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ द्वारा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के लिए केंद्रीय सलाहकार समिति में एक सदस्य के चुनाव के लिए प्रस्तावित प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि सदन राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अनुसार, समिति में सेवा देने के लिए अपने सदस्यों में से एक सदस्य का चुनाव करे।
राज्यसभा में कई अहम दस्तावेज और प्रस्ताव होंगे पेश
केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन द्वारा पेश किए जाने वाले एक अन्य प्रस्ताव में संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त समिति में राज्यसभा के दो सदस्यों की नियुक्ति की मांग की गई है। प्रस्ताव में डॉ. भीम सिंह और सागरिका घोष की नियुक्ति का भी प्रस्ताव है ताकि साकेत गोखले और भुवनेश्वर कलिता की राज्यसभा से सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त हुए स्थानों को भरा जा सकें। राज्यसभा में पिछले सत्र में पारित विधेयकों पर विवरण और सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 तथा आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 की प्रतियां सहित कई दस्तावेज पेश किए जाएंगे।
नीट पेपर लीक और राम मंदिर चंदा मामले पर चर्चा की मांग
इस बीच संसद के इस मानसून सत्र में विपक्ष द्वारा अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन मामले और NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक सहित कई मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक पर चर्चा करने के लिए नियम 267 के तहत राज्यसभा में कार्यविराम का प्रस्ताव पहले ही पेश कर चुके हैं। कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव के लिए नोटिस दाखिल किया है, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर चर्चा की मांग की गई है।
13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो चुका है। इसमें केंद्र और विपक्ष कई मुद्दों पर आमने-सामने होंगे। 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) का भी संसदीय पदार्पण होगा। एनसीपीआई का गठन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों ने किया था, जिन्होंने अपने गुट का विलय कर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमवार को मानसून सत्र के शुरू होने से पहले संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करने की संभावना है।
(एएनआई)
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