NEET-UG 2026 कथित पेपर लीक के बाद परीक्षा प्रणाली

NEET-UG विवाद के बीच संसदीय समिति ने पेन-एंड-पेपर परीक्षा का किया समर्थन

Education Reform

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक के बाद परीक्षा प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है। इस बीच एक संसदीय स्थायी समिति ने प्रवेश परीक्षाओं के लिए पेन-एंड-पेपर पद्धति का समर्थन किया है, जिससे परीक्षा सुधार को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

पेन-एंड-पेपर मॉडल पर जोर

एक संसदीय स्थायी समिति ने UPSC और CBSE जैसी परीक्षाओं के “लीक-प्रूफ” ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए प्रवेश परीक्षाओं के पेन-एंड-पेपर प्रारूप का समर्थन किया है। दिसंबर में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में, NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक के कारण रद्द होने से कुछ महीने पहले, समिति ने NTA को इन मॉडलों का गहन अध्ययन करने और उन्हें लागू करने की सलाह दी थी।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर बहस

यह सिफारिश उस बहस के बीच आई है जिसमें विशेषज्ञों का कहना है कि NEET-UG का पेन-एंड-पेपर प्रारूप, जो लाखों छात्रों के लिए हजारों केंद्रों पर आयोजित होता है, लीक के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है।

पुरानी रिपोर्ट से विरोधाभास

यह सुझाव 2024 में पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों से अलग है, जिसमें कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) को “भविष्य का समाधान” बताया गया था। दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने कहा कि दोनों ही प्रणालियों में कमियां हैं—जहां पेन-एंड-पेपर में पेपर लीक का खतरा है, वहीं CBT में हैकिंग की आशंका बनी रहती है।

NTA पर गंभीर सवाल

रिपोर्ट में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए और कहा गया कि इसका प्रदर्शन भरोसा पैदा करने में असफल रहा है। समिति ने बताया कि 2024 में आयोजित 14 परीक्षाओं में से कम से कम 5 में गंभीर समस्याएं सामने आईं, जिनमें पेपर लीक, परिणाम में देरी और परीक्षा स्थगन शामिल हैं।

सुधार की सिफारिशें

पैनल ने यह भी सुझाव दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और NTA अपने अधिशेष फंड का उपयोग सिस्टम सुधार में करे।

ANI

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