पीयूष गोयल ने रॉटरडैम पोर्ट का लिया जायजा, 2047 तक भारत की बंदरगाह क्षमता को चार गुना करने का लक्ष्य
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल नीदरलैंड के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत रॉटरडैम पोर्ट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पोर्ट के सीईओ बौडविन सीमन्स के साथ एक वेसल पर सवार होकर कामकाज का जायजा लिया और दोनों देशों के बीच मैरीटाइम व ट्रेड कॉरपोरेशन को मजबूत करने पर विमर्श किया।
यूरोप के सबसे बड़े बंदरगाह रॉटरडैम की यह यात्रा भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। देश इस समय 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' पर तेजी से काम कर रहा है।
मैरीटाइम विजन 2047 और रॉटरडैम की विशेषज्ञता
गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत रॉटरडैम की परिचालन विशेषज्ञता, कार्गो-हैंडलिंग तकनीकों और सप्लाई चेन प्रबंधन से बहुत कुछ सीख सकता है। भारतीय बंदरगाह प्राधिकरण और पोर्ट ऑफ रॉटरडैम के बीच कार्गो क्लीयरेंस को तेज करने और जहाजों के टर्नअराउंड समय को घटाने के लिए डिजिटल इंटीग्रेशन पर काम चल रहा है।
ग्रीन हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर पर फोकस
भारत की महत्वाकांक्षी 'सागरमाला' पहल को गति देने के लिए रॉटरडैम के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें ग्रीन हाइड्रोजन हब, कार्बन प्रबंधन और आधुनिक टर्मिनल संचालन मुख्य रूप से शामिल हैं।
गोयल ने कहा, "हमने बंदरगाह-आधारित विकास को आगे बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स दक्षता सुधारने और सप्लाई चेन कनेक्टिविटी मजबूत करने पर चर्चा की।" प्रस्तावित भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के मद्देनजर कुशल लॉजिस्टिक्स भारतीय सामानों के लिए यूरोपीय बाजार का रास्ता आसान बनाएगी।
2047 तक बंदरगाह क्षमता चार गुना करने का लक्ष्य
ANI को दिए एक साक्षात्कार में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत का लक्ष्य 2047 तक अपनी बंदरगाह क्षमता को चार गुना करना है। गोयल ने बताया कि "पिछले एक दशक में अपनी क्षमता दोगुनी करने के बावजूद, हमें अभी और विस्तार की जरूरत है।" जीडीपी वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को संभालने के लिए अगले दो दशकों में क्षमता को दोगुना से भी दोगुना करना होगा।
इसके अलावा, पर्यावरण संतुलन के लिए कार्बन कैप्चर और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के क्षेत्र में सहयोग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मंत्री का यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों और औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाइयां देगा। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: CBAM और इंपोर्ट ड्यूटी पर पीयूष गोयल ने उठाए सवाल, यूरोप को दी चेतावनी