पीयूष गोयल की नीदरलैंड यात्रा से भारत-नीदरलैंड व्यापार और निवेश साझेदारी को मिली मजबूती
नई दिल्ली (भारत)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा रोटरडैम बंदरगाह के दौरे, वरिष्ठ डच सरकारी नेताओं, संसद् सदस्यों और व्यापारिक नेताओं के साथ बैठकों तथा भारतीय प्रवासियों के साथ एक संवाद के साथ संपन्न की। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इन मुलाकातों का मुख्य फोकस भारत-नीदरलैंड आर्थिक सहयोग को मजबूत करना और भारतीय तथा डच उद्यमों के बीच व्यापार एवं निवेश के लिए नए अवसरों की तलाश करना था। मंत्री गोयल के साथ लगभग 60 लोगों का एक व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भी था।
बंदरगाह के दौरे से गोयल की यात्रा शुरु
25 अक्टूबर को, गोयल ने रोटरडैम बंदरगाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बाउडविन सीमंस के साथ इस बंदरगाह के दौरे से अपनी यात्रा की शुरुआत की। इस दौरे ने यूरोपीय बाजार के लिए भारतीय सामानों के एक प्रवेश द्वार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के एक प्रमुख केंद्र के रूप में यूरोप के सबसे बड़े बंदरगाह के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, इससे रोटरडैम बंदरगाह और भारतीय बंदरगाहों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करने का अवसर मिला। उसी दिन, मंत्री ने भारतीय दूतावास द्वारा एम्स्टर्डम में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और द्विपक्षीय आर्थिक, सांस्कृतिक तथा लोगों से लोगों के संबंधों में प्रवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका की पुनः पुष्टि की।
विदेश व्यापार और विकास सहयोग मंत्री जॉर्ड जोर्ड्समा से की बात
26 अक्टूबर को, मंत्री ने विदेश व्यापार और विकास सहयोग मंत्री जॉर्ड जोर्ड्समा तथा आर्थिक मामलों और जलवायु नीति मंत्री हेलेन हर्बर्ट के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन चर्चाओं में विस्तारित व्यापार, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और भारत के विनिर्माण, R&D, बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स तथा डिजिटल प्रौद्योगिकियों में अधिक डच निवेश पर जोर दिया गया। इसके अलावा, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के नए अवसरों पैदा करने के लिए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का लाभ उठाने के दृष्टिकोण से सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उन्नत विनिर्माण में सहयोग पर भी चर्चा हुई।
भारतीय और डच व्यवसायों के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने बिजनेस फोरम में लिया भाग
गोयल ने जॉर्ड्समा के साथ भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम की सह-अध्यक्षता भी की, जिसमें भारतीय और डच व्यवसायों के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के बीच उन्नत रणनीतिक साझेदारी से अपार अवसर मिलते हैं जो दोनों देशों के लिए एक समृद्ध भविष्य में योगदान दे सकते हैं। फोरम के बाद, मंत्री के साथ आए व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल ने डच व्यवसायों के साथ क्षेत्र-विशिष्ट राउंडटेबल (गोलमेज बैठकों) में भाग लिया, जिसमें उच्च प्रौद्योगिकी और नवाचार; सेवाएं और संबद्ध क्षेत्र; कृषि-खाद्य और खाद्य प्रसंस्करण; लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला कनेक्टिविटी; स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा; तथा विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और इंजीनियरिंग सामान शामिल थे।
ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ईंधन परियोजनाओं पर बैठक
उन्होंने नूर्ड-हॉलैंड प्रांत के राजा के आयुक्त आर्थर वैन डाइक और डच हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की विदेश व्यापार और विकास सहयोग समिति तथा यूरोपीय मामलों की सीनेट समिति के सदस्यों के साथ भी अलग से बैठकें कीं। उन्होंने भारत के तीव्र बुनियादी ढांचा विकास, वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में इसके उभार और उच्च-तकनीकी सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर प्रकाश डाला तथा दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाने में FTA की क्षमता का उल्लेख किया। गोयल ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ियों जैसे ASML और Nexperia; ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ईंधन परियोजनाओं के डेवलपर Power2X; तथा इंग्का ग्रुप (IKEA) सहित प्रमुख डच कंपनियों के सीईओ और प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं।
भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय सहयोग में बढ़ती गतिशीलता पर आधारित
इन बैठकों में सेमीकंडक्टर तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और औद्योगिक समाधान, प्रौद्योगिकी तथा खुदरा जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक साझेदारियों और निवेश के अवसरों तलाश की गई। उन्होंने द हेग में स्थित भारतीय दूतावास द्वारा HSBC नीदरलैंड के सहयोग से आयोजित 15 डच कंपनियों के CXO के साथ एक बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में भी भाग लिया, जहां उन्होंने भारत की विकास गाथा, सुधार की गति और डच कंपनियों के लिए भारत में निवेश करने, सह-निर्माण करने तथा सह-नवाचार करने के अवसरों को साझा किया। यह यात्रा भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय सहयोग में बढ़ती गतिशीलता पर आधारित थी और व्यापार तथा आर्थिक साझेदारी की क्षमता को उजागर करती है, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई 2026 में नीदरलैंड की यात्रा के दौरान घोषित FTA और रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में।
(इनपुटः ANI)
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