मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी का संदेश: 'जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां हंगामे की कोई गुंजाइश नहीं'
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्वास जताया कि इस सत्र में सार्थक और सकारात्मक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि "जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां हंगामे की कोई गुंजाइश नहीं होती।" प्रधानमंत्री ने सांसदों से राष्ट्रहित में रचनात्मक बहस करने और अपने अनुभव का उपयोग देश की प्रगति के लिए करने का आग्रह किया।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मजबूती का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के कारण ऊर्जा आयात करने वाले देशों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हुई हैं। इसके बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान कायम रखी है। उन्होंने कहा कि यह भारत की आंतरिक शक्ति और विकास के प्रति उसके संकल्प का प्रमाण है।
रिफाइनरी, सेमीकंडक्टर और हाइड्रोजन ट्रेन की उपलब्धियां गिनाईं
सरकार के सुधार एजेंडे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में राजस्थान में विशाल तेल रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की गई, तीसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हुआ और देश को ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन भी मिली। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और श्रमिकों के सामूहिक प्रयासों को दिया।
हर आवाज और हर विचार को मिले सम्मान: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में हर आवाज और हर विचार को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि तथ्य और तर्क आधारित चर्चा से देश आगे बढ़ेगा और युवाओं की आकांक्षाओं को नई दिशा मिलेगी। सोमवार से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम में संशोधन सहित कई अन्य विधायी प्रस्ताव शामिल हैं। वहीं, विपक्ष की ओर से NEET-UG 2026 पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी है। यह मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।
(एएनआई)
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