PM मोदी बोले, दुनिया के साथ और दुनिया के लिए आगे बढ़ता है भारत, स्टार्टअप और डिजिटल इनोवेशन पर दिया जोर
नई दिल्ली (भारत)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए भारत के डिजिटल इकोसिस्टम, स्टार्टअप ग्रोथ और टेक्नोलॉजी के जरिए समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत किसी की कीमत पर नहीं, बल्कि दुनिया के साथ और दुनिया के लिए आगे बढ़ता है। पीएम मोदी ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम का उदाहरण देते हुए बताया कि देश में एक स्ट्रीट वेंडर से लेकर कार शोरूम चलाने वाला कारोबारी तक एक ही डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत में कुछ सौ स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, करीब आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं, जबकि 45 प्रतिशत स्टार्टअप में महिला डायरेक्टर या पार्टनर हैं। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, UPI और CoWIN जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य टेक्नोलॉजी के माध्यम से न केवल देश में अवसर बढ़ाना, बल्कि अपनी क्षमताओं से दुनिया और मानवता को भी सशक्त बनाना है।
भारत की भाषाई विविधता और डिजिटल पहुंच का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए देश की भाषाई विविधता और मीडिया के व्यापक दायरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत में 100 से ज़्यादा भाषाएँ, लगभग 80,000 रजिस्टर्ड अख़बार और प्रकाशन, और 1,000 से ज़्यादा सैटेलाइट टेलीविज़न चैनल हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि भारत में 500 मिलियन से अधिक YouTube यूजर्स और 500 मिलियन से अधिक Instagram यूजर्स हैं। उनके मुताबिक, देश में लोग विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बहस करते हैं और अलग-अलग विचारों पर चर्चा करते हैं।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आजमाने का विदेशी मेहमानों से किया आग्रह
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, "मैं विदेश से आए मेहमानों से कहूँगा कि वे भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आज़माएँ।" उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भारत में एक स्ट्रीट वेंडर और कार शोरूम चलाने वाला व्यक्ति अपने कारोबार के अलग-अलग स्तर के बावजूद एक ही डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकता है। प्रधानमंत्री ने इसे समावेशी टेक्नोलॉजी की ताकत बताया।
भारत में स्टार्टअप की संख्या 2.5 लाख से अधिक हुई
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि 2014 से पहले देश में कुछ सौ स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि इनोवेशन के अवसर अब छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, लगभग आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं, जबकि 45 प्रतिशत स्टार्टअप में महिला डायरेक्टर या पार्टनर हैं। उन्होंने कहा कि इससे अधिक लोगों को नवाचार के अवसर मिल रहे हैं और नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।
दूसरे देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुभव साझा कर रहा भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दूसरे देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) से जुड़ा अपना अनुभव साझा कर रहा है, ताकि वे अपनी जरूरतों के अनुसार डिजिटल सिस्टम विकसित कर सकें। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान बनाए गए CoWIN प्लेटफॉर्म का भी उल्लेख किया और बताया कि इसे ओपन-सोर्स सिस्टम के रूप में विकसित किया गया था। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत की तकनीकी क्षमताओं का लाभ दूसरे देशों को भी मिलना चाहिए, जिससे उनके लिए नए अवसर पैदा हों और मानवता सशक्त हो सके।
इनोवेशन से आइडिया को प्रोडक्ट और समस्याओं को समाधान में बदलने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी विचार को प्रोडक्ट में बदलना और किसी समस्या का समाधान निकालना इनोवेशन की महत्वपूर्ण क्षमता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब समाज के अधिक लोगों को ऐसे अवसर मिलते हैं, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। उनके अनुसार, तकनीकी नवाचार के अवसरों को अधिक लोगों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों के लोग अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल कर सकें।
सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों में पहुंचाने में मददगार बनी टेक्नोलॉजी
प्रधानमंत्री ने सरकारी सहायता को लाभार्थियों तक पहुंचाने में टेक्नोलॉजी की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से ऐसा सिस्टम तैयार किया गया है, जिसके जरिए सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार कम करने, नागरिकों की सुविधा बढ़ाने और सरकार तथा जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिली है।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में शामिल हुए 500 से अधिक वैश्विक नेता
भारत में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के आठवें संस्करण में दुनिया के 500 से अधिक प्रभावशाली सरकारी और निजी क्षेत्र के नेता शामिल हो रहे हैं। इस वर्ष फोरम की थीम "अ वर्ल्ड इन प्ले: डिफाइनिंग द न्यू लीवर्स ऑफ पावर" रखी गई है। इसके तहत प्रतिनिधि बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों का विश्लेषण करेंगे और अनिश्चितता के दौर में मौजूद जोखिमों तथा अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही, वे विचारों का आदान-प्रदान करते हुए भविष्य की समृद्धि के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर भी काम करेंगे। (Source: ANI)
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