SEMICON India 2026: पीएम मोदी ने भारत को दुनिया का सबसे भरोसेमंद हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का किया आह्वान
नई दिल्ली। नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) को कूटनीतिक 'हथियार' बनाए जाने के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया का सबसे भरोसेमंद हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का आह्वान किया है। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में 'SEMICON India 2026' को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर लीडर्स को भारत के उभरते इकोसिस्टम में निवेश का न्योता दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने सिलिकॉन फोटोनिक्स और कंपाउंड सेमीकंडक्टर जैसी नेक्स्ट-जेनरेशन तकनीक के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया है।
वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका
यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय महासम्मेलन में पीएम मोदी का पूरा फोकस भविष्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक सुधारों पर रहा। उन्होंने वैश्विक मंचों पर बदलते राजनीतिक समीकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि आज के दौर में रिलायबल (विश्वसनीय) सप्लाई चेन की सख्त जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा, "जब हमारे जैसा देश किसी महत्वपूर्ण उद्योग में सफल होता है, तो यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करता है- यह तथ्य ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो गया है जब आपूर्ति श्रृंखलाओं को हथियार बनाया जा रहा है। हमें भारत में हो रहे इन बदलावों को इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए।" दुनियाभर के चिप डिजाइनर्स, असेंबली और मैन्युफैक्चरर्स को भारत की नीतियों पर भरोसा दिलाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश यह नई जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
सेमीकंडक्टर चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत तैयारी
उन्होंने स्पष्ट किया, "सेमीकंडक्टर उद्योग कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों के बीच, दुनिया को नए और विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग हब की सख्त जरूरत है, और मैं यह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि भारत इस भूमिका के लिए खुद को लगातार तैयार कर रहा है। भारत सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी जोर दे रहा है और इसे हासिल करने के लिए कई सुधार लागू किए हैं।"
AI और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए निवेश का मौका
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरतों पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने विदेशी निवेशकों से कहा कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दें। उन्होंने कहा, "विभिन्न कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स के निर्माण से लेकर सिलिकॉन फोटोनिक्स को इकोसिस्टम में एकीकृत करने तक, यह सब AI-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवश्यक है, और हमें इस दिशा में एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए आवश्यक नींव पहले ही रखी जा चुकी है।" कार्यक्रम में मौजूद उपकरण कंपनियों के लीडर्स से सीधा संवाद करते हुए पीएम ने अपील की, "मैं यहां मौजूद उपकरण कंपनियों के प्रमुखों से आग्रह करता हूं कि वे इन अवसरों को न चूकें।"
एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग और ब्रिक्स की सफलता का जिक्र
भारत की मानव संसाधन क्षमता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया, "हमारी सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 1 लाख इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है, और हम उनमें से 70,000 से अधिक को पहले ही प्रशिक्षित कर चुके हैं। मैं युवाओं से आह्वान करता हूं- चाहे वे भारत में शोध कर रहे हों या विदेश में- कि वे आगे आएं और यहां उन्नत तकनीक के विकास में भाग लें।" इस दौरान पीएम मोदी ने भारत की कूटनीतिक ताकत और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ती वैश्विक साख को भी सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ा। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि 'नई दिल्ली घोषणापत्र' पर बनी आम सहमति भारत की बढ़ती कूटनीतिक विश्वसनीयता का पुख्ता प्रमाण है।
'सिलिकॉन टू सिस्टम्स' थीम के साथ भारत की बढ़ती साख
पीएम ने जोर देकर कहा, "भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन किया। सभी के समर्थन से नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाना भारत की वैश्विक विश्वसनीयता का एक और प्रमाण है। और ऐसे समय में SEMICON India का आयोजन एक और अहम मील का पत्थर है।" 17 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस पांचवें SEMICON India 2026 सम्मेलन की थीम 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' रखी गई है। पीएम मोदी के इस संबोधन से स्पष्ट है कि जटिल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक आम सहमति बनाने से लेकर मिशन-क्रिटिकल सेक्टर्स में विश्वसनीय सप्लाई चेन स्थापित करने तक, रणनीतिक मोर्चे पर भारत की स्वीकार्यता और दुनिया का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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