राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में आयोजित समा

राष्ट्रपति मुर्मू ने कलाकारों को दिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

President draupti Murmu Honours Artists (ANI Photo)

नई दिल्ली: गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में 2024 और 2025 के लिए प्रतिष्ठित कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज सम्मानित किए गए कलाकार सामूहिक रूप से भारत का सांस्कृतिक मानचित्र प्रस्तुत करते हैं- एक ऐसा मानचित्र जो इस धरती की कहानियों और गीतों से बुना गया है, एक ऐसा मानचित्र जो इस विविधतापूर्ण भूमि के नृत्यों और त्योहारों को समाहित करता है और सदियों से विकसित हुई इसकी भाषाओं और बोलियों की स्मृतियों को संजोए हुए है।

गुरु-शिष्य परंपरा ने भारत की विविध कलाओं में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में संगीत परंपराओं, नृत्य शैलियों और लोक नाट्य कला के अनगिनत रूप मौजूद हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा ने भारत की विविध कलाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुरु हमारे कला कार्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं। आज के तेजी से बदलते दौर में हमारी कई लोक कलाएं विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रही हैं। ऐसी कलाओं का दस्तावेजीकरण करना ही नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखने के लिए विशेष प्रयास करना भी आवश्यक है। 

संगीत नाटक अकादमी ने क्यों आयोजित किया 'कला दीक्षा' कार्यक्रम 

उन्होंने यह जानकरी प्रसन्नतापूर्वक व्यक्त की, कि संगीत नाटक अकादमी इसी उद्देश्य से 'कला दीक्षा' कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। उन्होंने वरिष्ठ कलाकारों से अगली पीढ़ी को संवारने के लिए व्यवस्थित प्रयास करने का आग्रह किया। समारोह में सम्मानित गज़ल गायक और संगीतकार उस्ताद युगंतर सिंदूर, कालका-बिन्दुद्दीन घराना के वरिष्ठ कथक उस्ताद पंडित राममोहन महाराज और अनुभवी फोटोग्राफर राकेश सिन्हा सहित कई विशिष्ट कलाकारों को सम्मानित किया गया। 

(इनपुट: ANI)

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