ज्ञानेश कुमार और भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी: पी. चिदंबरम
नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के सार्वजनिक महाभियोग जैसे कार्यक्रम को एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व घटना बताया।
खरगे के आधिकारिक आवास के बगीचे में आयोजित मॉक संसद
एक्स पर एक पोस्ट में चिदंबरम ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों के सांसदों ने नागरिक समाज संगठनों और छात्रों के साथ मिलकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आधिकारिक आवास के बगीचे में लोगों को संबोधित करने के लिए इकट्ठा होना पड़ा था। उन्होंने लिखा कि आज मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार का सार्वजनिक महाभियोग एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व घटना थी। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों के सांसदों तथा नागरिक समाज संगठनों और छात्रों को मजबूर होकर खरगे के आधिकारिक आवास के बगीचे में इकट्ठा होना पड़ा और लोगों से बात करनी पड़ी, जो उन्होंने की। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने खुलकर, सुरुचिपूर्ण ढंग से, स्पष्ट और भावुकता के साथ अपनी बात रखी है और उनकी आवाज पूरे देश में गूंजेगी।
आरएसएस और भाजपा देश को नष्ट कर रहेः चिदंबरम
चिदंबरम ने लिखा कि उन्होंने खुलकर, सुरुचिपूर्ण, स्पष्ट और भावुकता से बात की। आज जो आवाजें सुनी गईं, वे पूरे देश में गूंजती रहेंगी। चिदंबरम ने उन लोगों की भी आलोचना की जो यह मानते थे कि देश में सब कुछ ठीक है, और आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा स्वतंत्र, लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और उदार संविधान तथा देश को नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि मुझे उन लोगों पर दया आती है जो इस भ्रम में हैं कि भगवान स्वर्ग में है और दुनिया में सब कुछ ठीक है। अपनी आंखें और कान खोलिए: आरएसएस और भाजपा द्वारा जिसे तहस-नहस किया जा रहा है, वह सावधानीपूर्वक निर्मित स्वतंत्र, लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और उदार संविधान तथा देश है।
संविधान तथा देश की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित
इस सभा को एक संयुक्त और पुनरुत्थानशील मोर्चा बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग, राजनीतिक दल और नागरिक समाज संगठन विनाशकारी ताकतों का विरोध करने तथा संविधान और देश की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि आज की सभा लोगों, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों का एक संयुक्त और पुनरुत्थानशील मोर्चा है, जो इन विनाशकारी ताकतों का विरोध करने और संविधान तथा देश की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
शनिवार को आयोजित हुआ मॉक संसद
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक मॉक संसद के दौरान शनिवार को 'इंडिया' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने (महाभियोग) की मांग करते हुए एक प्रतीकात्मक प्रस्ताव पारित किया। इस महाभियोग कार्यक्रम के कारण विपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच तीखा राजनीतिक टकराव शुरू हो गया, जहां लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त को 'बचने' नहीं देगा, वहीं भाजपा नेताओं ने इस अभ्यास को "नौटंकी" बताया और देश के शीर्ष संवैधानिक अधिकारियों को मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का बचाव किया।
(इनपुटः ANI)
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