सार्वजनिक संसाधनों के सही इस्तेमाल और पारदर्शिता पर जोर, के.सी. वेणुगोपाल का बड़ा बयान
तिरुवनंतपुरम (केरल)। लोक लेखा समिति (PAC) के अध्यक्ष के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को विधायी निगरानी और समय पर कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सिस्टम की कमियों को दूर करना जरूरी है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा उद्घाटन किए गए लोक लेखा समितियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि PAC सिस्टम में मौजूद कमियों की पहचान कर चर्चा का आधार तैयार करती है और यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
सिस्टम की कमियों की पहचान जरूरी
वेणुगोपाल ने कहा कि लोक लेखा समितियों की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि सरकारी विभाग उनकी सिफारिशों पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं। सिफारिशों पर समय पर अमल करना और प्रगति की नियमित रिपोर्ट देना एक मजबूत विभागीय तंत्र की पहचान है। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा साक्ष्य मांगना नीतियों और लोगों के कल्याण में सुधार लाने के लिए बेहद जरूरी है।
सार्वजनिक संसाधन जनता की धरोहर
सार्वजनिक धन के उपयोग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये संसाधन सीधे तौर पर जनता के हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल पूरी ईमानदारी, जनहित और वित्तीय जवाबदेही के साथ होना चाहिए। उन्होंने इसे विधायिका के कामकाज और वित्तीय नियंत्रण में जनता का भरोसा बनाए रखने वाला एक अहम सुरक्षा कवच बताया।
संसद और राज्यों में बेहतर तालमेल की जरूरत
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि PAC की सिफारिशें हमेशा व्यावहारिक और लागू करने योग्य होनी चाहिए। उन्होंने संसद और राज्य विधानसभाओं की समितियों के बीच मजबूत सहयोग की वकालत करते हुए कहा कि इससे सरकार की जवाबदेही बढ़ेगी और सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन के अंत में उन्होंने सभी डेलीगेट्स और आयोजन में जुटे अधिकारियों का आभार जताया। (इनपुट: ANI)
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