राहुल गांधी का बड़ा हमला: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को बताया ''भगवान शिव का तांडव''
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कामकाज के विरोध में सोमवार को राजधानी दिल्ली में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के मार्च से पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। राहुल गांधी ने इस पूरे आंदोलन को 'भगवान शिव का तांडव' बताते हुए स्पष्ट किया कि इसके लिए किसी फिक्स प्लानिंग की कोई आवश्यकता नहीं है और यह विरोध अलग-अलग रूपों में आगे भी जारी रहेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रहा है।
'यह शिव तांडव है, इसमें किसी योजना की जरूरत नहीं'
राजधानी स्थित एआईसीसी मुख्यालय (AICC HQ) में मीडिया से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शनों की रणनीति पर खुलकर बात की। उन्होंने अपनी बहन (प्रियंका गांधी) के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, 'मेरी बहन मुझसे कहती है कि हमें कोई योजना बनानी चाहिए। तो मैंने अपनी बहन से कहा, तुम बात नहीं समझ रही हो। यह तांडव है। यह भगवान शिव का नृत्य है। इसमें कोई योजना नहीं होती। आज हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं; कल कुछ और होगा। तुम्हें क्या लगता है? क्या हमने आकाशवाणी भवन में कोई योजना बनाई थी?'
उन्होंने आकाशवाणी भवन के पुराने धरने का उदाहरण देते हुए आगे कहा, 'योजना यह थी कि हम बस से जाएंगे, वहां बैठेंगे और गिरफ्तार हो जाएंगे। पुलिस ने हमें आगे नहीं बढ़ने दिया। इसलिए हमने योजना बदल दी। क्या नतीजा योजना से निकला, या बिना योजना के? किसी योजना की जरूरत नहीं है। यह नृत्य चल रहा है। यह भगवान शिव का नृत्य चल रहा है। इसमें कोई भी शिव की बारात में शामिल हो सकता है। जो भी शामिल होना चाहे, आ सकता है।'
सुरक्षा एजेंसियों के भीतर उठ रहे सवाल
कांग्रेस नेता ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों के साथ हो रहे अलग-अलग बर्ताव को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के भीतर से सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह सब क्यों हो रहा है? क्योंकि हम सिर्फ वही सवाल पूछ रहे हैं जो दो चुनाव आयुक्तों ने उठाया था कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं?'
CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, 'इन दिनों हमें हर जगह से जानकारी मिल रही है। ज्ञानेश कुमार, हमें आपकी स्थिति पता है। हमें पता है कि आपको रात में नींद नहीं आ रही है, और चिंता न करें, हम आपको बख्शेंगे नहीं। मैं आपसे साफ कह रहा हूं कि जो कुछ हो रहा है, उसके कारण एक चुनाव आयुक्त के तौर पर आप बच नहीं पाएंगे। लाखों लोग आप पर और आपके कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, और वे रुकेंगे नहीं।'
उन्होंने दावा किया, 'पुलिस के अंदर भी सवाल उठ रहे हैं कि युवाओं को रोकने के लिए क्यों कहा जा रहा है, जबकि आरएसएस के सदस्यों को आजादी से घूमने दिया जा रहा है। गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और आईटीबीपी (ITBP) के भीतर भी ये गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।'
'इंडिया' गठबंधन का मार्च और संविधान की रक्षा
राहुल गांधी ने देशवासियों और सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस के बाराखंबा जंक्शन पर दोपहर 1:30 बजे 'इंडिया' गठबंधन का विरोध मार्च शुरू होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के संविधान की रक्षा करना है। उन्होंने उन लोगों से भी एकजुटता दिखाने की अपील की जो सीधे तौर पर मार्च में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, 'भारत मार्च कर रहा है; आज दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस के बाराखंबा जंक्शन पर हमारे साथ जुड़ें। अगर आप संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, तो किसी भी पार्टी का कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है... अगर आप किसी कारण से सीधे हमारे साथ नहीं जुड़ सकते, तो जब हम सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका दायर कर रहे हों, तब अपना समर्थन दिखाएं।'
सेंट्रल दिल्ली में हाई अलर्ट और सुरक्षा के कड़े पहरे
विपक्षी दलों के इस मार्च और विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली (Central Delhi) में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा कारणों से 12 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे तक चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखे गए हैं। बाराखंबा रोड और मंडी हाउस के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को भी चौकस रखा गया है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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