राहुल गांधी के 8 घंटे के धरने के बाद पेलेट गन मामले में FIR, पवन खेड़ा का मोदी सरकार पर तीखा हमला
पुणे (महाराष्ट्र)। राहुल गांधी के 8 घंटे लंबे धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने कथित पेलेट गन से घायल होने के मामले में FIR दर्ज कर ली है। इसी घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले नीतिगत गलतियां करती है और फिर जनता के दबाव में पीछे हटती है। पुणे में ANI से बातचीत में खेड़ा ने यहां तक कहा कि अगर मौजूदा सरकार पर कभी आत्मकथा लिखी गई, तो उसका नाम "रायता" होगा।
'पहले गड़बड़ी करो, फिर उसे ठीक करने में लग जाओ'
पवन खेड़ा ने सरकार पर गंभीर मुद्दों से बचने और विवाद खड़े होने के बाद उन्हें संभालने में अपनी ऊर्जा लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले 'अर्बन नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया गया और बाद में किसानों के मुद्दे पर सरकार को पीछे हटना पड़ा। खेड़ा ने जातिगत जनगणना के मुद्दे का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, जब caste census की मांग सामने आई तो इसे 'नक्सल' मुद्दा बताया गया, लेकिन बाद में इस मोर्चे पर भी सरकार को पीछे हटना पड़ा।
कांग्रेस नेता ने कहा, "पहले उन्होंने 'अर्बन नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया, फिर वे किसानों के आगे झुक गए। जब जातिगत जनगणना का मुद्दा सामने आया, तो उन्होंने इसे 'नक्सली' मुद्दा बताया, और इस मोर्चे पर भी अंततः झुक ही गए। मेरी बात याद रखिए, वे हर जगह झुकेंगे।"
पेलेट गन मामले का हवाला देते हुए खेड़ा ने कहा कि सरकार ने पहले हिंसा होने से इनकार किया, लेकिन बाद में एक न्यूज चैनल द्वारा पुलिस डायरी की प्रविष्टियां सामने लाए जाने पर पेलेट गन चलाए जाने की बात सामने आई। उन्होंने कहा, "वे रायता फैलाते हैं और फिर सारा समय उसे समेटने में बिता देते हैं। इस सरकार की यही एकमात्र कहानी है। अगर इस सरकार पर कोई आत्मकथा लिखे, तो उसका शीर्षक 'रायता' रखेगा।"
बेरोजगारी से पेपर लीक तक, मोदी सरकार पर निशाना
पवन खेड़ा ने देश के सामने मौजूद कई मुद्दों को गिनाते हुए कहा कि युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और परीक्षा पेपर लीक जैसे मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। उनके मुताबिक, ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने राजनीतिक सफर की उपलब्धियों पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा, "इस देश के सामने क्या मुद्दे हैं? युवा, नौकरियां, पेपर लीक, छात्रों के खिलाफ हिंसा, अयोध्या में चंदे की चोरी, एथनॉल E20 और अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ। हम देश के मुद्दों पर बात करेंगे।"
खेड़ा ने प्रधानमंत्री की राजनीतिक यात्रा को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी का एजेंडा क्या है? 'मैंने अपनी राजनीतिक यात्रा के 25 साल बिताए हैं।' अपनी यात्रा आगे बढ़ाइये। आपकी यात्रा की वजह से देश भुगत रहा है।"
भाजपा की बैठक को बताया 'अप्रासंगिक'
जब पवन खेड़ा से वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन नबीन की अध्यक्षता में शनिवार को हुई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने भाजपा की आंतरिक गतिविधियों को देश के मौजूदा मुद्दों के संदर्भ में अप्रासंगिक बताया। खेड़ा ने कहा, "बेमतलब। एक टीम बनाओ, जो करना है करो; इन लोगों का देश के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि इस समय देश के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल भाजपा को सत्ता से हटाना है। खेड़ा के शब्दों में, "इस समय देश का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि भाजपा को सत्ता से कैसे हटाया जाए।"
राहुल गांधी के धरने के बाद दर्ज हुई FIR
पवन खेड़ा की यह टिप्पणी दिल्ली पुलिस द्वारा शुक्रवार शाम FIR दर्ज किए जाने के बाद आई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई राहुल गांधी के उस 8 घंटे लंबे धरने के बाद हुई, जिसमें उन्होंने संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। राहुल गांधी की मांग थी कि लोचाब की शिकायत पर कार्रवाई की जाए और FIR दर्ज की जाए।
पीड़ित ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पेलेट गन से फायरिंग के बाद घायल होने के बावजूद उसकी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही थी। उसका कहना था कि उसने AIIMS में सर्जरी कराई, लेकिन इसके बावजूद उसकी आंखों की रोशनी प्रभावित रही।
राहुल गांधी ने AIIMS रिपोर्ट का हवाला देकर उठाए सवाल
धरने के दौरान राहुल गांधी के साथ कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे। राहुल गांधी ने FIR दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाया और AIIMS की रिपोर्ट का हवाला दिया। राहुल गांधी ने कहा, "20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। एम्स की रिपोर्ट साफ कहती है कि उनके शरीर के अंदर 200 से अधिक छर्रे और आंख में 3 छर्रे हैं। उनकी उस आंख की रोशनी चली गई है। दिल के पास ऐसे छर्रे हैं जिन्हें छुआ नहीं जा सकता।"
उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस रुख पर भी सवाल उठाया, जिसमें पेलेट गन इस्तेमाल करने से इनकार किया गया था। राहुल गांधी ने कहा, "दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने पैलेट गन से फायरिंग नहीं की। इसलिए, सिर्फ एक सवाल है: किसी ने तो यह किया होगा। वाकई एक अपराध हुआ है।"
पीड़ित ने राहुल गांधी को दिया धन्यवाद
मामले में शिकायतकर्ता लोचाब ने राहुल गांधी के समर्थन के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता के हस्तक्षेप के बिना शायद FIR दर्ज नहीं होती। मामले में BNS की धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है। वहीं धारा 125 ऐसे कृत्यों से जुड़ी है, जिनसे किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पेलेट गन के इस्तेमाल, पुलिस कार्रवाई और शिकायत दर्ज करने में हुई देरी को लेकर राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। एक ओर कांग्रेस इसे कानून-व्यवस्था और जवाबदेही का मुद्दा बना रही है, वहीं पवन खेड़ा ने इसी प्रकरण को सरकार की कथित नीति और राजनीतिक प्रबंधन की विफलताओं से जोड़ते हुए हमला बोला है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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