राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले राहुल गांधी ने याद किया नेहरू का 1947 का भाषण
नई दिल्ली (भारत)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात से पहले राहुल गांधी ने संसद के सेंट्रल हॉल में INDIA गठबंधन के सांसदों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 के ऐतिहासिक भाषण का जिक्र किया और लोकतंत्र की मूल भावना को याद किया। यह बैठक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच हुई। विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग पर मतदाताओं के नाम हटाने में पक्षपात का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाताओं की जांच निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत की गई है।
राहुल गांधी ने नेहरू के भाषण के अंश पढ़े
राहुल गांधी ने कहा, "जवाहरलाल नेहरू ने एक बहुत मशहूर भाषण दिया था। यह 14 अगस्त 1947 को संसद के सेंट्रल हॉल से दिया गया था। मैं इसमें से कुछ हिस्सा बताना चाहता हूं। यह भारत, पूरे एशिया और दुनिया के लिए एक अहम पल है। एक नया तारा उदय हो रहा है, पूरब में आजादी का तारा, एक नई उम्मीद जग रही है, एक लंबे समय से संजोया गया सपना सच हो रहा है। यह तारा कभी अस्त न हो और वह उम्मीद कभी टूटे नहीं"
उनके इस संबोधन के दौरान INDIA गठबंधन और अन्य विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे सवालों का मुद्दा भी चर्चा में रहा। विपक्षी दलों ने आयोग पर संस्थागत पक्षपात और राजनीतिक भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
SIR के तहत 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाने का विपक्ष का आरोप
INDIA गठबंधन और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के SIR ड्राफ्ट चरण में 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए, जिससे बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। विपक्ष का दावा है कि इस प्रक्रिया में सत्ताधारी BJP के विरोधियों को निशाना बनाया गया।
वहीं, भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने संस्थागत विफलता के आरोपों को खारिज किया है। आयोग के मुताबिक, 13.39 करोड़ मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASD) जैसी निर्धारित श्रेणियों के तहत चिह्नित किया गया था। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से और पूरी जांच-पड़ताल के बाद लिए गए।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को लेकर भी विवाद
मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने तथा चुनावी सॉफ्टवेयर में कथित प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से आंतरिक आपत्तियां दर्ज कराए जाने की खबरों के बाद विवाद और बढ़ गया।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर डर के माहौल में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और ट्रेन सेवाएं रद्द होने का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति के सामने चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़ी अपनी चिंताएं रखेगा।
खड़गे बोले- ज्ञानेश कुमार की गलतियों से लोकतंत्र खतरे में
पत्रकारों से बातचीत में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "वे डरे हुए हैं। जो व्यक्ति डरता है, वह आज नहीं तो कल मरेगा ही।" उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गलतियों ने देश में डर का माहौल पैदा किया है और लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है।
खड़गे ने कहा, "ज्ञानेश कुमार की गलतियों ने देश में डर का माहौल बना दिया है और लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है। इसीलिए हम राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं और उन्हें उनके कामों के बारे में बताने जा रहे हैं।" उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्य चुनाव आयुक्तों ने कथित गड़बड़ियों को लेकर 10-15 बार पत्र लिखे, लेकिन कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
राष्ट्रपति से मिलकर CEC के इस्तीफे की मांग करेगा INDIA गठबंधन
INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। गठबंधन के नेता शुक्रवार, 9 अक्टूबर की शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की औपचारिक मांग करने वाले हैं।
राहुल गांधी ने भी 'वोट चोरी' और EVM में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष की चिंताओं का जिक्र किया। खड़गे ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से इन मुद्दों को उठा रहा है और उसका उद्देश्य देश की बेहतरी के लिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को सामने रखना है।
विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा और हिरासत को लेकर खबरें
बढ़ते राजनीतिक विरोध के बीच सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन से पहले देशभर में हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं।
कानूनी मोर्चे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस की याचिका को सोमवार, 12 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है। इस याचिका में दिल्ली पुलिस द्वारा निर्धारित विरोध स्थलों पर शांतिपूर्ण सभा की अनुमति देने से इनकार किए जाने को चुनौती दी गई है। (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली HC का बड़ा आदेश, पटियाला हाउस और राउज़ एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को वर्चुअल सुनवाई