राहुल गांधी का दावा- पीएम मोदी का राजनीतिक शासन अंतिम चरण में, उत्तराधिकारी की तलाश जारी
नई दिल्ली (भारत)। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक शासन अपने "अंतिम चरण" में है और दावा किया कि उनके उत्तराधिकारी की तलाश पहले ही शुरू हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा, "नरेंद्र मोदी का सियासी अंत हो चुका है। इनका वक्त खत्म हो गया है। मोदी का शासन आखिरी दौर में है। इनके उत्तराधिकारी की तलाश चल रही है।"
मोदी सरकार पूरी तरह से बैकफुट परः राहुल गांधी
सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने मोदी सरकार को पूरी तरह से बैकफुट पर बताया और कांग्रेस नेताओं से सरकार के खिलाफ और अधिक आक्रामक रुख अपनाने का आग्रह किया। ये टिप्पणियां दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा भवन में हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान की गईं, जहां वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने देश की राजनीतिक स्थिति और प्रमुख मुद्दों पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। इस बीच, बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया है।
हाल के वर्षों में 94,000 स्कूल बंद
उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में 94,000 स्कूल बंद हो गए हैं और युवाओं के लिए एक स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध शिक्षा से रोजगार तक का रोडमैप बनाने की मांग की। खरगे ने राम मंदिर ट्रस्ट को मिले धन, सोने और अन्य दान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि दान का हिसाब-किताब कैसे रखा जा रहा है और उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है, और उन्होंने किसी भी वित्तीय गड़बड़ी की उचित जांच करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।
सरकारी नीतियों ने युवाओं को गहरी निराशा के दलदल में धकेला
सीडब्ल्यूसी की बैठक में खर्गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता उपस्थित थे। खरगे ने कहा कि संसद सत्र की समाप्ति के बाद सीडब्ल्यूसी की यह पहली बैठक है और इसमें देश से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें युवाओं का भविष्य, राम मंदिर ट्रस्ट को दिए गए दान की जवाबदेही और भारत की सीमाओं पर चीनी अतिक्रमण की खबरें शामिल हैं। भारत के युवाओं की स्थिति पर खार्गे ने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों ने युवाओं को गहरी निराशा के दलदल में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक उन्माद और रेवड़ी संस्कृति की दौड़ के बीच शिक्षा और रोजगार की उपेक्षा की गई है। (इनपुटः ANI)
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