मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्

राहुल गांधी की दो टूक: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर प्रदर्शनकारियों से मारपीट करने वालों को भुगतना होगा अंजाम

Congress leader Rahul Gandhi alongside NSUI activists

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे NSUI कार्यकर्ताओं के साथ कथित पुलिस मारपीट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस ज्यादती के लिए ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर हो, परिणाम भुगतने होंगे।

'यह भारत की आवाज़ है'

NSUI कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में कोई जाति या धर्म नहीं है, बल्कि यह देश की सामूहिक आवाज़ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "मैं आपको सलाह देता हूँ कि इस आवाज के खिलाफ खड़े न हों। कोई भी इस आवाज के खिलाफ नहीं टिक सकता।"

कांग्रेस नेता ने छात्रों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पुलिस ज्यादती के सभी वीडियो और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें और पार्टी को सौंपें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला समाप्त होने के बाद शीर्ष अधिकारियों से लेकर आम सिपाही तक, हर दोषी को सज़ा दिलाई जाएगी।

<blockquote lang="hi" dir="ltr">वो दिन आ रहा है जब हमारे लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने वालों को कठोर न्याय का सामना करना पड़ेगा। चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों या कोई भी हवलदार। मैं चाहता हूँ कि हर वो छात्र और युवा, जिसने पुलिस की हिंसा या ग़ैरक़ानूनी हिरासत झेली है, उसका पूरा रिकॉर्ड रखे - वीडियो या फोटो - ये ज़रूरी होंगे। शांतिपूर्ण विरोध आपका अधिकार है। हम इसे किसी को छीनने नहीं देंगे।</p>&mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://x.com/RahulGandhi/status/2110309672519709152?ref_src=twsrc%5Etfw">October 14, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

महिला प्रदर्शनकारी का गंभीर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने एक महिला प्रदर्शनकारी को "हमारी शेरनी" बताते हुए उनकी निडरता की सराहना की। इस दौरान महिला कार्यकर्ता ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कैसे पुलिस हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

पीड़ित कार्यकर्ता ने आरोप लगाया, "जब हम विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए बस से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे, तब महिला कॉन्स्टेबल चंचल यादव ने मेरा गला कसकर पकड़ा और धक्का दिया। विरोध करने पर उन्होंने मेरे चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंचें मारीं और थप्पड़ मारा।"

हिरासत में प्रताड़ना के आरोप

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने संसद स्ट्रीट पुलिस थाना और हिरासत के दौरान गंभीर मारपीट के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हिरासत में रखे जाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से पीटा, और गाड़ी में ले जाते समय भी प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा।

यह पूरा घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गरमाई राजनीतिक सियासत के बीच सामने आया है।

विपक्ष का तीखा हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने मतदाता असंगति और विशेष गहन संशोधन (SIR) का हवाला देते हुए लिखा कि विरोध प्रदर्शन के अधिकारों को कुचलना सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति का स्पष्ट प्रमाण है। साथ ही, उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों के दमन का कड़ा विरोध किया है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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