राजित राम ने उद्यानिकी खेती के माध्यम से अयोध्या जिले का नाम रोशन किया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का अयोध्या जनपद भगवान राम के नाम साथ ही जिले के एक प्रगतिशील किसान की सफलता की प्रेरणादायक कहानी की वजह से सुर्खियों में है। तारुन विकासखंड के ग्राम सिहोरिया के निवासी राजित राम ने अपनी मेहनत, नई तकनीकों और योगी सरकार की किसान-समर्थक नीतियों के सहारे मात्र 4.09 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद व शिमला मिर्च की खेती से पांच लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सफल रही, बल्कि जिले के अन्य किसानों के लिए भी एक मिसाल बन गई है।
राज्यपाल ने थपथपाई पीठ
राजित राम को इस उपलब्धि को राज्य स्तर पर पहचान मिली और राजभवन में आयोजित फल-फूल एवं शाकभाजी प्रदर्शनी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सम्मानित किया। राज भवन में राजित राम को यह सम्मान उनके नवाचारपूर्ण कार्य और किसानों की आय बढ़ाने में योगदान के लिए दिया गया। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे किसान प्रदेश की प्रगति के प्रतीक हैं और सरकार किसानों की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि जनपद अयोध्या में प्रगतिशील किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग लगातार कार्य कर रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर रुख करें। राजित राम जैसे किसान अब अन्य साथी किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपनी तकनीक और अनुभव साझा कर रहे हैं। बता दें कि योगी सरकार ने पिछले वर्षों में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और अन्य सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं पर सब्सिडी, बागवानी मिशन के तहत सहायता और बाजार उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों से किसानों की स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है।
3.40 लाख रुपये लागत, मुनाफे ने भरा उत्साह
राजित राम ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में 4.09 हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद व शिमला मिर्च की फसल लगाई। इसमें ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग, इंटरक्रॉपिंग और स्टेप क्रॉपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भरपूर उपयोग किया गया। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप इरिगेशन) के कारण पानी की बचत हुई और फसल की गुणवत्ता बेहतर बनी। कुल निवेश लगभग 3.40 लाख रुपये रहा, जबकि उत्पादन से कुल आय 8.50 लाख रुपये हुई। इससे शुद्ध लाभ 5.10 लाख रुपये प्राप्त हुआ। उत्पादन में 20 टन अमरूद व 14 टन शिमला मिर्च शामिल थी। उन्होंने स्थानीय मंडियों के साथ-साथ मंडलीय स्तर पर भी विपणन किया, जिससे फसल का अच्छा भाव मिला।
औद्यानिक फसलों से की थी राजित ने शुरुआत
अयोध्या जैसे पवित्र स्थल में जहां राम मंदिर के कारण पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, वहां बागवानी फसलों की मांग भी बढ़ी है। अमरूद व शिमला मिर्च जैसी फसलें न केवल स्थानीय बाजार में अच्छा दाम पाती हैं, बल्कि आसपास के शहरों में भी निर्यात की जा रही हैं। राजित राम कहते हैं कि मैंने लघु कृषक के रूप में औद्यानिक फसलों से शुरुआत की थी। पहले आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन नवीन तकनीकों और सरकारी सहायता से आय कई गुना बढ़ गई। अब हमारी परिवार की स्थिति आशातीत रूप से बेहतर हो गई है। उनकी सफलता से सिहोरिया गांव और तारुन ब्लॉक के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।
राजित राम ने राज भवन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राम मंदिर के कारण अयोध्या में पर्यटन बढ़ा है। लेकिन अब अब राम नगरी बागवानी में भी नयी पहचान बना रहा है। जिले की फसलों की मांग हाल में बढ़ी है, जिससे उन्हें विपणन में काफी आसानी हुई। राजित राम अयोध्या के एक सामान्य परिवार से आते है। उनकी आर्थिक स्थिति कुछ वर्षों पूर्व तक अच्छी नहीं थी। लेकिन आज़ वे जिले के एक प्रतिष्ठित किसान बन चुके हैं। अब राजित राम न केवल अपनी खेती कर रहे हैं, बल्कि सिहोरिया गांव और तारुन ब्लॉक के अन्य किसानों को भी नवीन तकनीकों और सरकारी सब्सिडी योजनाओं (जैसे ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग) के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
यह भी पढ़े: कप्तान सूर्या ने जड़ा तूफानी अर्धशतक
https://www.primenewsnetwork.in/india/world-cup-t20-india-win/132438