राम मंदिर ट्रस्ट में रिटायर्ड एयर मार्शल की नियुक्ति पर राशिद अल्वी ने उठाए सवाल
नई दिल्ली (भारत)। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा कोई रहस्य है, जिसके कारण उन्हें ट्रस्ट में नियुक्त किया गया है।
जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत के पश्चिमी हवाई अभियानों का नेतृत्व किया
अल्वी ने कहा, “वर्तमान भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को राज्यपाल या राज्यसभा सदस्य नियुक्त कर रही है; इससे लोगों के मन में संदेह पैदा होता है। और अब, आपने एक सेवानिवृत्त एयर चीफ को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त कर दिया है। उनका इससे क्या लेना-देना है?” उन्होंने आगे कहा, “मुझे आश्चर्य है कि क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' के पीछे कोई रहस्य है जिसके कारण उन्हें यहां सीईओ नियुक्त किया गया है।” सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत के पश्चिमी हवाई अभियानों का नेतृत्व किया था।
देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप
अल्वी ने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भी व्यापक हमला करते हुए आरोप लगाया कि ऐसी नीतियां देश को नुकसान पहुंचाएंगी। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार और हमारे प्रधानमंत्री की यह नीति देश को बर्बाद कर देगी।”कांग्रेस नेता ने राम मंदिर में हुई कथित लूट और दोषियों की पहचान एवं गिरफ्तारी में हुई प्रगति पर भी सवाल उठाए। अल्वी के अनुसार, लूट के दोषियों की पहचान अभी तक उजागर नहीं हुई है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। अल्वी ने कहा, "आज तक राम मंदिर में लूट के दोषियों की पहचान उजागर नहीं हुई है और न ही सभी दोषियों को गिरफ्तार किया गया है।"
सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे घटनाक्रमों पर भी चर्चा
उनकी यह टिप्पणी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा बुधवार को सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने और तीन नए न्यासी नियुक्त करने के बाद आई है। ये निर्णय अयोध्या में ट्रस्ट के न्यासियों की बैठक में लिए गए, जिसमें सीईओ की नियुक्ति, रिक्त न्यासी पदों को भरना, 2025-26 के वार्षिक खातों की मंजूरी, कथित वित्तीय अनियमितताओं की एसआईटी जांच की प्रगति और सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से जुड़े लोगों में अविश्वास को दर्शाता है। बघेल ने परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामलों में सेना के इस्तेमाल के सरकार के फैसले से इसकी तुलना करते हुए सवाल उठाया कि राम मंदिर से संबंधित चढ़ावे और अन्य मामलों की देखरेख के लिए एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी को क्यों चुना गया है। (इनपुटः ANI)
यह भी पढ़ेंः भारत-कनाडा ने रणनीतिक संबंधों की पुष्टि की, 2030 तक 70 अरब कनाडाई डॉलर व्यापार का लक्ष्य