रिलायंस इंडस्ट्रीज का "एआई सेक्टर" में पदार्पण, "फेसबुक" के साथ ज्वाइंट वेंचर का एलान
रिलायंस इंडस्ट्रीज का "एआई सेक्टर" में पदार्पण, "फेसबुक" के साथ ज्वाइंट वेंचर का एलान
मुकेश अंबानी और मार्क जुकरबर्ग मिलकर करेंगे 855 करोड़ निवेश
मुंबई। देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook को ऑपरेट करने वाली "Meta" कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में मिलकर वैश्विक स्तर पर काम करेंगे। इसके लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मार्क जुकरबर्ग के स्वामित्व वाली मेटा की सब्सिडियरी Facebook Overseas ने मिलकर संयुक्त उद्यम की स्थापना की है। संयुक्त उद्यम का नाम रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस लिमिटेड (REIL) रखा गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शनिवार को शेयर मार्केट के नियामक अथारिटी सेबी को इसकी जानकारी देते हुए इसका ऐलान किया। रिलायंस - मेटा के इस ज्वाइंट वेंचर पर 855 करोड़ रुपए के शुरूआती निवेश का अनुमान है। REIL में रिलायंस इंटेलिजेंस की 70 फीसदी और फेसबुक ओवरसीज की 30 फीसदी हिस्सेदारी होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी रिलायंस इंटेलिजेंस (REIL) ने इस वेंचर के लिए में 2 करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश किया है। इस निवेश के अन्तर्गत 10 रुपए प्रति शेयर के 2 करोड़ के इक्विटी शेयर खरीदे गए हैं। इसकी सूचना शेयर मार्केट को दे दी गयी है। रिलायंस - मेटा का संयुक्त उद्यम देश व विदेश में छोटे व मझौले उपक्रमों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्विसेज के विकास, विपणन और वितरण पर ध्यान केंद्रित करेगी।
मुकेश अंबानी ने अगस्त में रिलायंस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस जॉइंट वेंचर का ऐलान किया था। अब इस एलान को कार्यरूप प्रदान किया गया है। नया वेंचर REIL में मेटा (फेसबुक) सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने तकनीकी सपोर्ट के तहत क्लाउड और लामा-आधारित मॉडल बनाने में विशेषज्ञता प्रदान करेगा, जबकि रिलायंस अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे की मदद से इसे हजारों भारतीय उद्यमों और छोटे व्यवसाइयों तक पहुंचाएगा और अलग-अलग उद्योगों के लिए AI टूल्स तैयार करेगा।
Reliance और Meta का यह JV भारत के AI इंडस्ट्री में गेमचेंजर साबित हो सकता है। पहली बार कोई भारतीय कंपनी इस स्तर पर एक ग्लोबल टेक दिग्गज के साथ मिलकर AIप्लैटफॉर्म सर्विस बनाने जा रही है। इस JV की खासियत यह भी है कि यह सिर्फ बड़े बिजनेस ही नहीं, बल्कि छोटे और मिड-साइज एंटरप्राइजेज (SMEs) के लिए भी AI को आसान बनाएगा। इससे भारत में Digital Transformation की रफ्तार और तेज होगी।