RSS का बड़ा पुनर्गठन: 11 की जगह होंगे 9 क्षेत्र, पहली बार बनेंगी राज्य स्तर की इकाइयां
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने संगठनात्मक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक बदलाव करने जा रहा है। कामकाज के विकेंद्रीकरण और ज़मीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए संघ अपने प्रशासनिक नक्शे में बड़ा फेरबदल करेगा।
11 के बजाय 9 क्षेत्र, 90 नए संभाग
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलावों के तहत संघ के मौजूदा 11 क्षेत्रों को घटाकर 9 किया जाएगा। वहीं, वर्तमान में जारी 46 प्रांतीय इकाइयों को पुनर्गठित कर लगभग 90 संभागों में विभाजित करने की योजना है।
इस नए ढांचे का मुख्य उद्देश्य निचले स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों को सुगम बनाना और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
पहली बार बनेंगी राज्य-स्तरीय इकाइयां
संघ के इतिहास में पहली बार राज्य-स्तरीय संगठनात्मक इकाइयां गठित करने की तैयारी है। अब तक RSS के ढांचे में अलग से कोई राज्य इकाई नहीं होती थी।
नए प्रारूप के तहत राज्य स्तर पर केवल 'राज्य प्रचारक' और 'राज्य कार्यवाह' की नियुक्ति होगी। खास बात यह है कि इस व्यवस्था में 'राज्य संघचालक' का कोई पद नहीं रखा गया है।
प्रतिनिधि सभा की बैठकों में भी बदलाव
निर्णय लेने वाली संघ की सर्वोच्च संस्था 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' की बैठकों के नियम भी बदले जा रहे हैं।
अब प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक हर साल होने के बजाय तीन साल में एक बार नागपुर में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, क्षेत्रीय स्तर की बैठकें हर दो साल में एक बार आयोजित करने का प्रस्ताव है।
इंदौर में 2 से 4 नवंबर तक मंथन
इन ऐतिहासिक बदलावों की रूपरेखा मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाली 'अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल' (ABKM) की बैठक में रखी जाएगी। तीन दिनों तक चलने वाले इस मंथन में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सभी छह सह-सरकार्यवाह, अखिल भारतीय विभागों के प्रमुख और कार्यकारी समिति के सदस्य शामिल होंगे। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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