सहारा शहर की जमीन पर नयी विधानसभा के निर्माण की तैयारी
सहारा शहर की जमीन पर नयी विधानसभा के निर्माण की तैयारी
एलडीए ने जमीन का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राजधानी लखनऊ में सहारा शहर की जमीन पर राज्य के नयी विधानसभा भवन का निर्माण कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सहारा शहर की जमीन की नपाई और सर्वे का कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
मालूम हो कि सहारा प्रमुख सुब्रत राय के निधन पर शोक के बाद सहारा समूह इस समय गंभीर वित्तीय संकट में है। इसी क्रम में सहारा शहर समेत कई सम्पत्तियों का आवंटन नगर निगम द्वारा पिछले दिनों रद्द कर दिया गया था। इसमें राजधानी के पाश एरिया गोमतीनगर स्थित सहारा शहर भी शामिल है। नगर निगम ने करीब एक महीने पहले सहारा शहर की जमीन की लीज निरस्त कर पूरा परिसर सुल कर दिया था। उसके बाद से यह चर्चा जोरों पर है कि सरकार वहां नया विधानसभा भवन बनाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सहारा शहर की योगी सरकार सहारा शहर की जमीन पर नयी विधानसभा भवन बनाने की संभावनाओं पर काम कर रही है। नयी विधानसभा के लिए सरकार को करीब 200 एकड़ जमीन चाहिए, जबकि सहारा शहर में एकमुश्त 245 एकड़ जमीन है।
जानकारों का कहना है कि इसको देखते हुए ही सरकार ने यहां विधान भवन बनाने का मन बनाया है। उसके लिए ही शासन ने एलडीए को जमीन की नपाई करने के मौखिक निर्देश दिए थे। इन्हीं अटकलों के बीच शासन के निर्देश पर एलडीए ने जमीन की नपाई और सर्वे पूरा लिया है। रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गयी है।
राजस्व विभाग के अनुसार सहारा शहर की पूरी जमीन खतौनी में पूरी जमीन एलडीए के नाम दर्ज है। एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि कुल 245 एकड़ जमीन में 130 एकड़ जमीन नगर निगम के पास थी। एलडीए ने यह जमीन कई योजनाओं में ली गई नगर निगम की जमीनों के एवज में दी थी। जमीन का यह हस्तांतरण एक पत्र के आधार पर हुआ था। लेकिन दस्तावेजों में अब भी एलडीए का ही नाम चल रहा था। इधर, लीज निरस्त करने को लेकर सहारा ने न्यायालय में वाद भी दायर किया है, जिसके चलते एलडीए के अफसर इस मामले पर अभी आन रिकार्ड कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
यह भी पढ़ेंः
दिल्ली का नेहरू स्टेडियम तोड़कर बनेगी स्पोर्ट्स सिटी
https://www.primenewsnetwork.in/india/nehru-stadium-will-be-demolish/97259
धर्मांतरण रोधी कानूनों के खिलाफ सुनवाई तत्काल नहीं
https://www.primenewsnetwork.in/india/sc-anti-conversion-law-cases-will-be-listed/97263