संबित पात्रा ने CEC के खिलाफ विपक्ष के सांकेतिक मह

सांकेतिक महाभियोग पर भड़के संबित पात्रा: कहा- नेहरू ने सरदार पटेल के खिलाफ की थी देश में पहली वोट चोरी

BJP MP Sambit Patra

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के 'सांकेतिक महाभियोग' प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन पर तीखा पलटवार किया। 

संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारत में 'वोट चोरी' का पहला मामला खुद पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा था। उनके मुताबिक, नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए वोटों की चोरी की थी।

सरदार पटेल की जयंती पर नेहरू परिवार पर साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनावी धांधली के आरोपों का जवाब देते हुए संबित पात्रा ने भारत के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल को याद किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में दर्ज वोट चोरी की यह घटना एक कड़वा सच है, जिसकी शुरुआत गांधी परिवार के पहले सदस्य ने की थी।

संवाददाता सम्मेलन में पात्रा ने खड़गे पर तंज कसते हुए कहा, "आज जब खड़गे जी वोट चोरी की बात कर रहे थे, तो मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूँ कि देश में सचमुच वोट चोरी हुई थी। आज 31 अक्टूबर है, आदरणीय सरदार पटेल की जयंती। भारत में पहली वोट चोरी गांधी परिवार के पहले सदस्य नेहरू ने की, जिन्होंने कांग्रेस नेताओं के वोट चुराए।"

बिना चुने ही प्रधानमंत्री बन गए थे नेहरू

बीजेपी प्रवक्ता ने जवाहरलाल नेहरू के देश का पहला प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। पात्रा ने कहा, "उस समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के लिए मतपेटी में अपने वोट डाले थे। लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन वोटों को दरकिनार कर दिया और देश के अनचाहे व अनचुने प्रधानमंत्री बन गए।"

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के सांकेतिक महाभियोग और 'मॉक पार्लियामेंट' प्रदर्शन पर संबित पात्रा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ड्रामेबाज़ी के ज़रिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा गिरा रही है। 

पात्रा ने कहा, "कांग्रेस पार्टी अपनी 'नकली संसद' के ज़रिए असली लोकतंत्र का मज़ाक उड़ा रही है। उनके मंच पर मौजूद सभी नेताओं को जान लेना चाहिए कि वोट चोरी की जनक उनकी अपनी पार्टी और नेहरू ही थे।"

13 करोड़ नामों और ASDD फॉर्मूले पर दी सफाई

मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विपक्ष के आरोपों पर पात्रा ने चुनाव आयोग के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) अभियान का बचाव किया। उन्होंने ज़मीनी स्तर पर लागू होने वाले तकनीकी 'ASDD' नियम का ब्योरा सामने रखा।

उन्होंने स्पष्ट किया, "विभिन्न राज्यों में 13 करोड़ लोगों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। इसका कारण 'ASDD' फॉर्मूला है, जिसमें 'A' का अर्थ एब्सेंट यानी अनुपस्थित है।"

बीएलओ (BLO) की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने कहा, "बीएलओ तीन बार गणना फॉर्म लेकर आपके घर पहुंचता है। तीनों बार अनुपस्थित रहने पर नियमानुसार नाम सूची में दर्ज नहीं हो पाता। इसी तरह 'S' का मतलब शिफ्टेड है, यानी जो व्यक्ति स्थायी रूप से अपना स्थान बदल चुका है।"

पात्रा ने ईवीएम और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हार के डर से विपक्ष ऐसे बहाने बना रहा है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया पूरी तरह नियमबद्ध और पारदर्शी है। (इनपुट: ANI)

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