मनोरंजन की दुनिया के सरताज थे सतीश शाह, करीब 250 से अधिक फिल्मों में किया काम
Satish Shah : मनोरंजन व्यक्ति को न सिर्फ खुश रखता है, बल्कि वक्त को बेहतर बना देता है। चेहरे पर खुशी और मन में मिठास जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। चेहरे पर हमेशा खुशी की झलक मनोरंजन की दुनिया के जाने माने चेहरे सतीश शाह से समझें। उन्होंने जीवन के 74 वसंत देखने के बाद शनिवार को इस दुनिया को विदा कर दिया।
मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। इस इहलोक में उन्होंने 25 जून 1951 को कदम रखा था। उनका जन्म गुजराती परिवार में हुआ था। उनकी पढ़ाई मुंबई के सेंट जेवियर्स कालेज से हुई।
फिल्म एंड टेलीविजन इस्टीच्यूट आफ इंडिया गये। 1970 में फिल्मी जगत की शुरूआत भगवान परसुराम से की। 1972 में डिजायनर मधु शाह से शादी के बंधन में बंधे। 2004 में टेलीविजन पर साराभाई वर्सेज साराभाई सीरियल से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद कामेडी सर्कस में जज के रूप में भी नजर आये। 2015 में एफटीआईआई के सदस्य बनाए गये। 2017 में साराभाई वर्सेज साराभाई रीबूट में अंतिम बार नजर आए। उन्होंने 250 से अधिक फिल्मों में काम किया।
सतीश जी लंबे समय से किडनी की बीमारी से परेशान थे। दोपहर वे खाना खाते वक्त अचानक टोबुल पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में ले जाया गया। जांच के बाद डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सतीज जी का डायलिसिस हुआ था। इसके बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ था। हालांकि उन्हें आभास था कि कुछ अनहोनी हो सकता है।
इसी वजह से वे अपने दोस्तों से बातचीत करते रहते थे। उनकी पत्नी लंबे समय से अल्जाइमर से पीड़ित है। इसलिए किसी को पहचान नहीं पाती हैं। उन्हें सतीज जी के बारे में नहीं बताया गया कि कुछ अनहोनी घट गई है। सतीस जी के फिल्मी सफर में एक था, जाने भी दो यारों। इसमें उन्होंने डेड बाडी का रोल किया था। खास यह है कि पूरी फिल्म में बिना पलक झपकाये भूमिका अदा की थी। यह अपने आप में अद्भुत है।
एक दूसरी, मैं हूं न, में उन्होंने प्रोफेसर की भूमिका निभाई थी। यहां प्रोफेसर बोलते वक्त थूक उड़ाता है। यह भूमिका भी अपने आप में हंसाता है । फिल्म बनाते समय यूनिट के सभी लोग लोट-पोट हो जाते थे। उन्होंने –भूतनाथ- फिल्म में प्रिंसिपल की भूमिका निभाई थी। यह प्रिंसिपल बच्चों का टिफिन खा लेता है। सतीश शाह ने अमिताभ बच्चन के साथ अच्छी भूमिका निभाई। वे ऋषि कपूर, फरीदा जलाल के भी करीबी थे।
उन्होंने 250 से अधिक फल्मों में काम किया। इसमें अजीब दास्तान, गमन, कभी हां कभी ना, जाने भी दो यारों, दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे, मैं हूं ना, हम साथ-साथ हैं, ओम शांति ओम, कल हो न हो, फना, अकेले हम अकेले तुम ..आदि प्रमुख फिल्म हैं।
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